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अफसरों को छेड़ो नहीं, शैलेंद्र को छोड़ों नहीं

Wed, 24 Jun 2015 02:26 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि अफसरों को तो इसलिए बख्शा जा रहा है क्योंकि उनके जांच में फंसते ही इसकी आंच शासन तक पहुंच सकती है। लेकिन शैलेंद्र के सितारे अचानक से गर्दिश में इसलिए डूबे हैं क्योंकि उसके सिर से आकाओं का हाथ हट गया है। मामला लगातार सुर्खियों में रहने के चलते उसके आकाओं को अपना नाम उसके साथ आने का डर सताने लगा। इसी के साथ पुलिस ने कार्रवाई में अपना गियर चेंज कर दिया। इसी का नतीजा है कि उसका कोल्ड स्टोर सील कर दिया गया।
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जेल में उसके लिए मनोरंजन के इंतजाम किए गए थे, लेकिन उसकी बैरक में डीआईजी जेल का दो बार छापा पड़ने के बाद उसे आम कैदी की तरह रखा जा रहा है। पुलिस ने उसके कोल्ड स्टोर के मैनेजर को भी आरोपी बना लिया है। शैलेंद्र के खिलाफ दर्ज सभी 29 मुकदमों में से पहले सिर्फ एक में ही जालसाजी की धारा थी। लेकिन अब सभी में जोड़ दी गई है। इसके विपरीत अधिकारियों के साथ उसके कनेक्शन की अभी जांच भी शुरू नहीं की गई है।
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इन पर है एसआईटी की नजर
- शैलेंद्र के 17 बैंक एकाउंट पहले ही सीज किए जा चुके हैं, अब लॉकर भी चेक किए जाएंगे।
- उसका एक कोल्ड स्टोरेज सील किया जा चुका है, बाकी के लिए कार्रवाई शुरू हो गई है।
- जालसाज शैलेंद्र के नाम पर जितने भी मकान हैं, उन पर भी सील लगाई जाएगी।
- एक फार्म हाउस महाराष्ट्र के कोल्हापुर में बताया गया है, वहां पुलिस टीम भेजी गई है।
- एसआईटी कंपनियों में उसके शेयरों का भी पता लगाने में जुट गई है।
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