आगरा में आवास विकास सेक्टर तीन स्थित मैक्स डायग्नोस्टिक एवं पैथोलॉजी के संचालक डाक्टर अजय उपाध्याय और यहां काम करने वाली डाक्टर प्रीति कुलश्रेष्ठ को शुक्रवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया गया।
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दोनों को राजस्थान के पीसीपीएनडीटी दल ने भ्रूण लिंग परीक्षण के आरोप में पकड़ा है। दल का कहना है कि ये लोग भ्रूण के लिंग परीक्षण के नाम पर प्रति केस 20 हजार की कमाई कर रहे थे।
इसके लिए सोनोग्राफी से परीक्षण नहीं किया जाता था बल्कि गर्भस्थ शिशु की धड़कन की जांच में काम आने वाली फीटर डाप्लर मशीन को गर्भवती के पेट पर घुमाकर लड़की बता दी जाती थी। इसके बाद ये लोग गर्भपात भी करते थे। इसके 20 हजार रुपये अलग से लेते थे। इन्हें जाल बिछाकर पकड़ा गया।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
पीसीपीएनडीटी दल के प्रभारी नवीन जैन ने फोन पर बताया कि डमी गर्भवती को डाक्टर अजय ने फोन पर बात करके सेंटर पर बुलाया। प्रीति कुलश्रेष्ठ ने उसके लिंग परीक्षण की बात कहकर उसे बेटी बताई। इसके बाद जैसे ही डाक्टर अजय ने 20 हजार रुपये उससे लेकर रखे, वैसे ही दोनों डाक्टरों को पकड़ लिया गया।
अजय उपाध्याय विकास कालोनी, सिकंदरा रोड के रहने वाले हैं। प्रीति कुलश्रेष्ठ पुष्पांजलि फेज-3, अवधपुरी बोदला की हैं। दोनों को शनिवार को भरतपुर कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। मौके से फीटल डाप्टर, कंप्यूटर और 20 हजार रुपये बरामद किए गए।
अब तक इन पर कसा शिकंजा
- डा. विद्या गुप्ता अपने ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित हास्पिटल में पकड़ी गई।
- डा. निर्मला चोपड़ा सदर स्थित अपने हास्पिटल में एजेंट के साथ पकड़ी।
- डा. रेनू भार्गव को रुनकता स्थित अपने हास्पिटल में टीम को पकड़ा
- डा. अमित गुप्ता नालबंद स्थित अपनी क्लीनिक से पकड़े गए।
( इन सभी मामलों में आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है )
- चमक लाल ट्रांस यमुना कॉलोनी में अल्ट्रासाउंड मशीन समेत पकड़ा।
- सलीमउद्दीन फतेहाबाद स्थित अपने अवैध हास्पिटल से पकड़ा
- रुखसार टेढ़ी बगिया स्थित अपने घर से अल्ट्रासाउंड मशीन सहित पकड़ी
- बाह में अवैध एसआर हास्पिटल से अल्ट्रासाउंड मशीन पकड़ी गई
( इन सभी के खिलाफ भी कोर्ट में केस चल रहा है )