डा. निर्मल चोपड़ा
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आगरा में शुक्रवार को भ्रूण लिंग परीक्षण के आरोप में रंगेहाथ गिरफ्तार हुई आईएमए आगरा की पूर्व अध्यक्ष डा. निर्मल चोपड़ा अपने भाषणों में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देती थी। उसने आगरा में अपनी इमेज एक समाजसेवी के रूप में बना रखी थी लेकिन गिरफ्तारी के बाद चेहरे से ये नकाब भी उतर गया।
बताया गया है कि चोपड़ा सुपर स्पेशिएलिटी हास्पिटल की संचालक डा. निर्मल चोपड़ा 2008-09 के लिए पहली बार आगरा आईएमए की अध्यक्ष चुनी गई थी। बेहतर कार्य करने पर सर्वसम्मति से दूसरी बार भी मौका दिया गया। इस दौरान डा. चोपड़ा अपनी इमेज एक समाजसेवी की बना ली और वह सदर बाजार की कई एसोसिएशन से जुड़ गई।
कई संगठनों में तो उसे प्रमुख पद भी मिले लेकिन कोई नहीं जानता था कि यह सिर्फ नकाब है। गिरफ्तारी हुई तो ढोल में पोल भी सामने आया गया। डा. चोपड़ा के साथ जुड़े रहे लोगों ने बताया कि डा. चोपड़ा अपने भाषणों में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा देती थी। सामाजिक कार्यक्रमों में उन्हें हमेशा बेटियों की तरक्की की वकालत करते देखा गया लेकिन अब लग रहा है कि यह सब ढोंग था।
शुक्रवार को आईएमए आगरा के अध्यक्ष डा. आरएस कपूर ने कहा कि डाक्टर निर्मल चोपड़ा की गिरफ्तारी से आईएमए की शाख को धक्का लगा है। संस्था खुद लिंग भ्रूण जांच करने वालों के खिलाफ है। जागरूकता कार्यक्रम कर बेटी बचाओ के लिए कार्य कर रही है। डा. निर्मल चोपड़ा का आईएमए आगरा शाखा बहिष्कार करती है। मीटिंग बुलाकर ये प्रस्ताव भी रखा जाएगा।