पश्चिमपुरी में एक इंश्योरेंस कंपनी के निदेशक कुंवरपाल सिंह (27) ने तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। वह फर्रुखाबाद में दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे में आरोपी था। पुलिस ने उसे जेल भी भेजा था।
फतेहपुर सीकरी के गांव रोझोली निवासी कुंवरपाल सिंह पुत्र अनूप सिंह पश्चिमपुरी में किराये पर कमरा लेकर रहता था। रविवार दोपहर को उसने कमरे में खुद को गोली मार ली। मकान मालिक की सूचना पर आई पुलिस ने गेट की कुंडी तोड़ी और उसे बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस को मौके से तमंचा मिला।
सिकंदरा थाना प्रभारी का कहना है कि परिवारीजनों ने बताया कि कुंवरपाल धोखाधड़ी के मामले में आरोपी है। इससे वह कई दिन से तनाव में था। इस कारण ही उसने यह कदम उठाया।
कंपनी पर ताला डालकर फरार हो गए थे निदेशक
अनूप सिंह ने बताया कि बेटे कुंवरपाल ने 2009 में संजय प्लेस में एक इंश्योरेंस कंपनी ज्वाइन की थी। इस कंपनी में आगरा, फीरोजाबाद, मैनपुरी और फर्रुखाबाद के लोगों का पैसा जमा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के निदेशक मदनमोहन सहित दो अन्य ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कुंवरपाल को भी निदेशक बना दिया।
इसके बाद कंपनी पर ताला डालकर फरार हो गए। 2013 में फर्रुखाबाद कोतवाली में मदन मोहन, कुंवरपाल सहित अन्य के खिलाफ 25 लाख की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया। इसमें कुंवरपाल दस माह के लिए जेल गया। जमानत पर रिहा होकर कुंवरपाल ने मदनमोहन पर थाना हरीपर्वत में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया।
इसमें आरोपी के खिलाफ चार्जशीट भी लग चुकी है। बेटे को झूठा फंसाया गया था। मुकदमा लड़ने में डेढ़ बीघा खेत बेचना पड़ा। एक साल पहले बेटे को कार दिलाई थी, जिसे किराये पर चलाकर वह गुजारा कर रहा था।