क्राइम सीन प्रोटेक्शन भी करेगी डायल 100 की पुलिस टीम
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अगर अब कोई 100 नंबर डायल करके गलत जानकारी देता है तो मुश्किल में फंस जाएगा। डायल 100 अक्तूबर से शुरू होने जा रही है। इसमें पुलिस को सूचना मिलने के 15 से 20 मिनट में पहुंचना है। और मौके पर पहुंचते ही सबसे पहले सूचना देने वाले की ऑडियो और वीडियो रिकार्डिंग करनी है। अगर जानकारी गलत मिली तो वह फंस जाएगा। इसके अलावा अगर उसने बाद में बयान बदला तो भी मुसीबत होगी। पुलिस उसके रिकार्ड किए बयान को साक्ष्य के रूप में अदालत के सामने रख सकती है।
डायल 100 के कंप्यूटराइज्ड सिस्टम में फोन करने वाले की लोकेशन की पुलिस को तुरंत मिल जाएगी। अगर कोई झूठ बोलेगा तो पकड़ में आ जाएगा। पुलिस की गाड़ियों में भी जीपीएस लगा होगा। गाड़ियों के ड्राइवर प्राइवेट होंगे। उनके साथ पुलिस रहेगी।
डायल 100 में आगरा पुलिस को जल्द ही पुलिस रेस्पांस वेहिकल (पीआरवी) मिलने जा रहे हैं। प्रदेश को 3200 नई गाड़ियां मिलेंगी। इनमें आगरा को 53 नई बोलेरो मिलनी हैं। इन्हें इस तरह से तैनात किया जाएगा कि सूचना पर ज्यादा से ज्यादा 15 से 20 मिनट में मौका ए वारदात पर पहुंच सकें। पीआरवी में येलो टेप भी रहेगी। पुलिस को क्राइम सीन को संरक्षित करने की ट्रेनिग भी दी जाएगी। मौके पर जाते ही पुलिस येलो टेप से घेरा बनाएगी। इसके बाद फोरेंसिक टीम को ही एंट्री दी जाएगी।
खत्म होगा सीमा विवाद
डायल 100 की पुलिस रेस्पांस वेहिकल को थाना या जिला के हिसाब के काम नहीं करना है। जो भी वेहिकल घटनास्थल से पास में होगा, वही जाएगा। चाहें घटना दूसरे जिले की ही क्यों न हो।
महिलाकर्मी रिसीव करेंगी कॉल
100 नंबर मिलाने पर घंटी लखनऊ में बजेगी। काल रिसीव करेंगी नान पुलिस महिला कर्मचारी। 800 महिला कर्मी नियुक्त की जा रही हैं। इन्हें प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। महिला कर्मी डिस्पेच आफिसर को जानकारी देगी। वह पुलिस से ही होगा।