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प्रदर्शनकारी थाने से रिहा

Fri, 25 Dec 2015 02:44 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
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कुशवाहा महासभा ने आंदोलन का एलान क्या किया, पुलिस एकदम से बैकफुट पर आ गई। कलक्ट्रेट के महाघेराव के दौरान बुधवार दोपहर लाठीचार्ज के बाद गिरफ्तार किए गए महासभा के जिलाध्यक्ष प्रेमचंद कुशवाहा समेत सभी दस सदस्यों को थाना से ही छोड़ दिया गया। इन्हें 23 घंटे हिरासत में रखने के बाद 25-25 हजार के निजी मुचलकों पर रिहा किया गया है। गुरुवार दोपहर दो बजे रिहाई पाते ही इनका थाना हरिपर्वत पर जोरदार स्वागत किया गया।
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इनके खिलाफ बलवा और सरकारी काम में बाधा जैसी संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया था। पुलिस इन्हें कोर्ट में पेश करने की बात कह रही थी। लेकिन कुशवाहा महासभा ने एलान कर दिया था कि अगर इन्हें नहीं छोड़ा गया तो थाना से लेकर कमिश्नरी तक का घेराव किया जाएगा। माना जा रहा है कि इसी डर से पुलिस बैकफुट पर आई।
बता दें, सैंया के गांव जाजऊ में हुए नरेश कुशवाहा की हत्या में जेल भेजे गए चार लोगों में से दो को बेकुसूर बताते हुए महासभा ने बुधवार को कलक्ट्रेट का महाघेराव किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाई थीं।
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10 लोग गिरफ्तार कर लिए गए थे। थाना नाई की मंडी में जमानत की कार्रवाई पूरी होने के बाद दोपहर तकरीबन दो बजे इन्हें छोड़ दिया गया। इनमें कुशवाहा महासभा के जिलाध्यक्ष प्रेमचंद कुशवाहा, चेतराम, मनोज कुशवाहा, गिर्राज सिंह, बृजवासी लाल कुशवाहा, श्यामवीर, देवेंद्र सिंह, उदयभान सिंह, मुकेश कुशवाहा, होतम सिंह शामिल हैं। इन्हें थाना हरिपर्वत में रखा गया था। यहां पर उनके समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। मालाएं पहनाईं और मिठाई भी खिलाई।
पुलिस के खिलाफ कोर्ट जाएंगे
महासभा के जिलाध्यक्ष प्रेमचंद कुशवाहा ने कहा कि पुलिस ने महिला पदाधिकारियों के साथ भी अभद्रता की। एसएसपी से दोषी अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। अगर, उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। महिला आयोग में शिकायत करेंगे। शुक्रवार को कुशवाहा महासभा की एक बैठक बुलाई गई है। इसमेें आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। अगर, उनकी मांगों को नहीं माना जाता है तो 26 दिसंबर को जिलाधिकारी का घेराव किया जाएगा। इसके बाद तीन जनवरी 2016 को थानों का घेराव, आठ जनवरी को कमिश्नरी का महाघेराव और 18 जनवरी को जेल भरो आंदोलन किया जाएगा।
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