पुलिस गिरफ्त में आए हैलो गैंग के सदस्य (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
चंबल के बीहड़ में सक्रिय हेलो गैंग के दो गुट एक-दूसरे को सोशल मीडिया पर बेनकाब कर रहे हैं। फोटो अपलोड करके किसी को मास्टरमाइंड तो किसी को खाते उपलब्ध कराने वाला बताया जा रहा है। मुकदमों में पुलिस से सेटिंग के खेल को भी उजागर किया जा रहा है। आईजी ने मामला संज्ञान में आने के बाद जांच के आदेश किए हैं। यह पता किया जा रहा है कि पोस्ट और फोटो डालने वाले कौन हैं?
छह नवंबर को साइबर सेल की टीम ने खेलो इंडिया के नाम पर विज्ञापन देकर खिलाड़ियों से ठगी करने वाले गैंग के सरगना सहित तीन को बाह से गिरफ्तार किया था। इस गैंग के पकड़े जाने के बाद दो गुट सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गए हैं। वह एक दूसरे को बेनकाब कर रहे हैं। इनका कुछ नेताओं से संपर्क भी है। उन नेताओं के साथ फोटो भी साझा किए हैं। यह पिनाहट के गांव पड़ुआपुरा के बताए गए हैं।
हाल ही में फेसबुक पर की गई पोस्ट में एक युवक को हेलो गैंग का सिम कार्ड और खाते मुहैया कराने वाला बताया है, जबकि दूसरे युवक को पिनाहट थाने में दर्ज गैंगस्टर के एक मुकदमे में वांछित बताया गया है। उसके साथी पूर्व में जेल जा चुके हैं। अपराध संख्या भी लिख दी है।
पुलिस से सांठगांठ की बात भी लिखी है। वह एक युवक की फोटो वायरल की है। इसमें लिखा है कि वह खुद को सीए बताता है। दिल्ली में खूब प्रापर्टी है। कुछ और युवकों के फोटो शेयर किए है। उनके पास मोबाइल दिखाए हैं।
आईजी ए सतीश गणेश ने मामले की जांच शुरू करा दी है। फेसबुक पर जिस मुकदमे का जिक्र किया है, उनकी जानकारी साइबर सेल कर रही है। कौन आरोपी फरार हैं? किनका नाम निकला है? यह पता किया जा रहा है।
चंबल से सटे गांव में सक्रिय है हेलो गैंग
बाह और पिनाहट क्षेत्र में हेलो गैंग के 50 से अधिक सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके हैं। यहां पर दस से अधिक गैंग संचालित हैं। यह सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर ठगी करते हैं। लोगों से खाते में रकम जमा करा लेते हैं। कई युवा इसी काम में लगे हैं।