किसी भी घटना की क्राइम सीन रिपोर्ट जानने के लिए पुलिस को अब फील्ड यूनिट की फाइल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इधर मौके का मुआयना हुआ और उधर रिपोर्ट आनलाइन। जी हां, पूरे प्रदेश की फील्ड यूनिट को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क सिस्टम ( सीसीटीएनएस) से जोड़ दिया गया है। इनके प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं कि रिपोर्ट अपलोड करने में जरा भी देरी न की जाए। फोरेंसिक साइंस लैब के वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड यूनिट का नोडल अधिकारी बनाया गया है।
प्रदेश में फिलहाल तीन बड़ी फोरेंसिक साइंस लैब हैं। आगरा, वाराणसी और लखनऊ में। जबकि फील्ड यू्निट प्रत्येक जिला मुख्यालय पर काम कर रही है। इन्हें स्पेशल फोरेंसिक वैन भी दी गई है। घटनास्थल से फिंगर प्रिंट लेना, फोटो खींचना, ब्लड सैंपल इकट्ठा करना जैसे काम फील्ड यूनिट करती है। साथ ही क्राइम सीन की एक रिपोर्ट तैयार करती है। पुलिस की जांच में इसका भी रोल होता है।
अभी तक यह हो रहा था कि फील्ड यूनिट मौके से सैंपल लेने के बाद आराम से रिपोर्ट तैयार कर संबंधित थाने को भेजती थी। इसमें काफी समय लगता था। अधिकारी क्राइम सीन रिपोर्ट देखना चाहते थे तो उन्हें फाइल मंगानी पड़ती थी।
लेकिन सीसीटीएनएस से जुड़ जाने से तमाम झंझट दूर हो गए हैं। अब जैसे ही रिपोर्ट तैयार होगी, इसे नेटवर्क पर अपलोड कर दिया जाएगा। इसके बाद सिपाही से लेकर डीजीपी तक जो चाहे, कंप्यूटर पर क्लिक करे और इसे देख ले। साथ ही यह रिपोर्ट स्टेट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो ( एससीआरबी) को भी पहुंच जाएगी। आगरा एफएसएल के ज्वाइंट डायरेक्टर डा. एके मित्तल ने बताया कि फील्ड यूनिट को सीसीटीएनएस से जोड़े जाने का काम पूरा गया है।
फोरेंसिक रिपोर्ट भी होगी आनलाइन
आगरा। फोरेंसिक साइंस लैब को सीसीटीएनएस से जोड़े जाने का काम भी तेजी से चल रहा है। इसके पूरा हो जाने के बाद फोरेंसिक परीक्षण रिपोर्ट भी आनलाइन देखी जा सकेगी। रिपोर्ट के लैब से संबंधित थाना तक पहुंचने में काफी समय लगता है।