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गृह क्लेश : बच्चों की हत्या कर छत से कूदी मां

Sat, 27 Feb 2016 02:03 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
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 सिकंदरा के राम मोहन नगर में दिल दहला देने वाली घटना हुई। एक मां ने गृह क्लेश से तंग आकर पहले ढाई साल के बेटे और डेढ़ साल की बेटी का मुंह तकिये से दबाकर हत्या की। इसके बाद फिनायल पीकर घर की पहली मंजिल से कूद गई। हालांकि महिला की जान बच गई है। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, पति की तहरीर पर पुलिस ने महिला के खिलाफ बच्चों की हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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राम मोहन नगर निवासी अधिवक्ता सुभाष बाबू परमार के बेटे शैलेंद्र वीर सिंह परमार की शादी दिसंबर 2012 में सुभाष नगर, भिंड (एमपी) निवासी श्रुति पुत्री नरेंद्र सिंह से हुई थी। उनका एक बेटा ढाई साल का आशुतोष और डेढ़ साल की बेटी कानु उर्फ गुड़िया है। शैलेंद्र सीए के अलावा एक प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। आनलाइन टेस्ट के बाद उन्हें अमरीका जाना था। इस बात पर घर मेें गृह झगड़ा शुरू हो गया। श्रुति पति को अमरीका नहीं भेजना चाहती थी। शैलेंद्र ने पुलिस को बताया कि गुरुवार रात को वह घर के स्टडी रूम में पढ़ाई कर रहा था। श्रुति दोनों बच्चों के साथ पहली मंजिल पर अपने कमरे में सो रही थी। शुक्रवार तड़के तकरीबन चार बजे घर के आंगन से श्रुति की चीख सुनी। इस पर शैलेंद्र के भाई वीर विक्रम कमरे से बाहर आए तो श्रुति आंगन में लहूलुहान पड़ी थी। वह छत से कूद गई थी। परिवारीजनों में कोहराम मच गया। वह उसे अस्पताल ले जाने लगे। तभी परिवारीजन कमरे में गए तो दोनों बच्चे बेड पर पड़े थे। उनके मुंह पर तकिया रखा था। यह देखकर उनके होश उड़ गए। परिवारीजन उन्हें एसएन इमरजेंसी लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसकी जानकारी पर सुबह सात बजे पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं, हालत बिगड़ने पर श्रुति को संजय प्लेस स्थित जीजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। शैलेंद्र की तहरीर पर श्रुति के खिलाफ बच्चों की हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। उसके बयान भी दर्ज किए गए हैं। एसओ सिकंदरा ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मां ने बच्चों की हत्या कर खुद आत्महत्या का प्रयास किया है। पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होते थे। उधर, मायका पक्ष के लोगों ने शैलेंद्र पर बच्चों की हत्या कर श्रुति को छत से फेंकने का आरोप लगाया है। पुलिस जांच कर रही है।

रात में आशुतोष को दादी की गोद से उठा ले गई थी श्रुति  
आगरा। सिकंदरा के राम मोहन नगर में दो मासूमों की हत्या से लोग सन्न रह गए। बस यही कह रहे थे कि एक मां अपने बच्चों को मौत की नींद कैसे सुला सकती है? एक मां का दिल पत्थर कैसे हो सकता है? उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि ऐसा हुआ है। जिसने भी यह सुना वह घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा।
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बी-41 राम मोहन नगर निवासी अधिवक्ता सुभाष सिंह परमार के बड़े बेटे वीर विक्रम सिंह भी अधिवक्ता हैं। बेटे शैलेंद्र ने दिल्ली से एमबीए किया। इसके बाद बंगलूरू में एक फाइनेंस कंपनी में नौकरी करता था। परिवारीजनों का आरोप है कि शादी के बाद शैलेंद्र का पत्नी श्रुति उर्फ रमन से आए दिन विवाद होता रहता था। एक साल बाद वह नौकरी छोड़कर आगरा में रहने लगा।
यहां पर प्रापर्टी डीलिंग का काम करता था। इसी बीच उसने सीएसएस (सीए के समकक्ष) की तैयारी शुरू कर दी। हाल ही में आनलाइन प्रवेश परीक्षा होने वाली थी। इसके बाद शैलेंद्र को अमेरिका जाना था। वह परीक्षा की फीस भी जमा कर चुका था। 
सीओ हरीपर्वत अनुराग वत्स का कहना है कि श्रुति पति को बाहर जाने से रोक रही थी। गुरुवार रात को भी इसी बात पर विवाद हुआ। प्रथम दृष्टया सामने आया है कि मां ने बच्चों की हत्या की है। इसके बाद खुद छत से कूद गई। उधर, मासूम आशुतोष अपने दादा सुभाष सिंह और दादी संतोष के पास ही सोता था। श्रुति रात तकरीबन 11:30 बजे आशुतोष को दादी की गोद से उठा ले गई थी। आशुतोष को ले जाने से उसकी दादी ने रोका भी था। लेकिन, वह नहीं मानी।
‘हमारी बेटी को मारने की कोशिश की’
घटना की जानकारी पर भिंड से आगरा आए श्रुति के पिता पूर्व प्रधान नरेंद्र सिंह और भाई दशरथ ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही ससुराली श्रुति का उत्पीड़न करते थे। शैलेंद्र उसे साथ भी नहीं रखता था। बंगलूरू में भी उसे साथ नहीं रखा। जब वह विरोध करती थी तो उसके साथ मारपीट की जाती थी। एक साल पहले भी समाज के लोगों के साथ पंचायत की थी। शैलेंद्र को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। आरोप लगाया कि ससुरालियों ने बच्चों की हत्या कर श्रुति को भी जान से मारने का प्रयास किया। उस पर दबाव बनाकर बच्चों की हत्या का झूठा आरोप लगाया जा रहा है। उन्होंने थाना सिकंदरा पुलिस से शिकायत की है। सीओ हरीपर्वत का कहना है कि अगर, लिखित शिकायत मिलेगी तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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