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प्रेमिका के हत्यारे प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा, चार साल पहले हुई थी वारदात

Sat, 10 Oct 2020 12:02 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र में चार साल पहले विवाहेत्तर संबंध में महिला ममता की हत्या के दोषी प्रेमी संजय उर्फ रामअवतार को अपर जिला जज मोहम्मद असलम सिद्दीकी ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।

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दयालबाग के ओम नगर निवासी निरंजन सिंह की पत्नी ममता का शव तीन अक्तूबर 2016 को सिकंदरा क्षेत्र में पत्थर घोड़ा के पास एक घर में मिला था। दूसरे दिन निरंजन ने पत्नी की शिनाख्त की थी। आरोप लगाया था कि एक अक्तूबर को रामपुर के शाहबाद निवासी संजय उर्फ रामअवतार उसकी पत्नी ममता को ले गया था। 


शव मिलने के बाद निरंजन ने सिकंदरा थाने में पत्थर घोड़ा निवासी रमेश और संजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसमें कहा कि संजय पहले से घर आता था। कई बार कहासुनी के बाद भी पत्नी का पीछा नहीं छोड़ा। पुलिस ने विवेचना में रमेश का नाम निकाल दिया। दो फरवरी 2017 को संजय के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र प्रस्तुत कर दिया। 

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पुलिस ने की ठोस पैरवी

एडीजीसी सिद्धार्थ शंकर कुलश्रेष्ठ ने कोर्ट में गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए। कोर्ट में दलील दी कि अभियुक्त ने ममता को प्रेमजाल में फंसा लिया। इसके बाद हत्या को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोप पत्र में लिखा कि ममता और संजय के बीच प्रेम संबंध थे। इस बात पर पति-पत्नी में झगड़ा भी हुआ था। 

उधर, ममता आरोपी संजय से रुपयों की मांग कर रही थी। इसी कारण संजय ने ममता की हत्या कर दी। पुलिस ने मुकदमे की ठोस पैरवी की। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने संजय को दोषी करार दे दिया। सात अक्तूबर को संजय को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। 

इनाम घोषित होने के बाद पकड़ा था संजय
 
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद संजय फरार हो गया था। उसकी पुलिस ने तलाश की। उस पर इनाम भी घोषित किया गया। कई महीने बाद वह हाथ आ सका था।
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