आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र में चार साल पहले विवाहेत्तर संबंध में महिला ममता की हत्या के दोषी प्रेमी संजय उर्फ रामअवतार को अपर जिला जज मोहम्मद असलम सिद्दीकी ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
दयालबाग के ओम नगर निवासी निरंजन सिंह की पत्नी ममता का शव तीन अक्तूबर 2016 को सिकंदरा क्षेत्र में पत्थर घोड़ा के पास एक घर में मिला था। दूसरे दिन निरंजन ने पत्नी की शिनाख्त की थी। आरोप लगाया था कि एक अक्तूबर को रामपुर के शाहबाद निवासी संजय उर्फ रामअवतार उसकी पत्नी ममता को ले गया था।
शव मिलने के बाद निरंजन ने सिकंदरा थाने में पत्थर घोड़ा निवासी रमेश और संजय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसमें कहा कि संजय पहले से घर आता था। कई बार कहासुनी के बाद भी पत्नी का पीछा नहीं छोड़ा। पुलिस ने विवेचना में रमेश का नाम निकाल दिया। दो फरवरी 2017 को संजय के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र प्रस्तुत कर दिया।