आगरा में टूंडला के रहने वाले गंभीर सिंह को जानलेवा हमले के जुर्म में दो साल कारावास की सजा सुनाई गई है। उनकी उम्र 80 वर्ष है, जबकि वारदात के समय वह 38 साल के थे। घटना के 42 साल बाद कोर्ट का फैसला आया है। नामजद आरोपी चार थे। इनमें से एक की मौके पर ही मौत हो गई थी। दो अन्य ने मुकदमे के दौरान दम तोड़ दिया।
घटना 14 मार्च 1977 को हुई टूंडला में हुई थी। उस समय टूंडला आगरा जिले का हिस्सा था। रिपोर्ट रामशिव शैलेंद्र सिंह ने दर्ज कराई थी। इसमें टूंडला के ही सुल्तान सिंह, उसका भाई रनवीर सिंह, भतीजा राजकुमार सिंह और गंभीर सिंह नामजद कराए गए थे।
आरोप था कि इन लोगों ने राम शिव पर जानलेवा हमला किया था। कारण यह था कि राम शिव ने सुल्तान सिंह के परिवार की एक लड़की और अपने भाई सीमू को एक साथ देख लिया था और डांट दिया था। लड़की रोने चिल्लाने लगी तो शोर सुनकर उसके परिवाजीन आ गए और उसे साथ ले गए। कुछ देर बाद हमला बोल दिया गया।
तीन आरोपियों की हो चुकी है मौत
मामले में चार लोग नामजद कराए गए थे रनवीर सिंह, राजकुमार सिंह, गंभीर सिंह और सुल्तान सिंह। राम शिव ने अपनी रक्षा के लिए गोली चलाई थी। इसमें सुल्तान की मौके पर मौत हो गई थी। रनवीर और राजकुमार की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई। गंभीर सिंह को जानलेवा हमले का दोषी पाया गया।
हमले का मुकदमा अपर जिला जज महेश कुमार कुशवाह की कोर्ट में चला। उन्होंने शुक्रवार को दोषी गंभीर सिंह को दो साल कारावास की सजा सुनाई। दोषी गंभीर सिंह लगभग 10 वर्ष फरार रहा। छह महीने पहले ही पकड़ा गया था। उसके फरार रहने और गवाहों के तारीख पर न आने के कारण मुकदमा इतना लंबा चला। एडीजीसी एसके सिन्हा ने कोर्ट में आठ गवाह और साक्ष्य प्रस्तुत किए।
हमलावर के पत्नी-बच्चों की भी हो चुकी मौत
मुकदमा इतना लंबा चला कि इस दौरान गंभीर सिंह की पत्नी और बच्चों की भी मौत हो गई है। कोर्ट ने तमाम तथ्यों को देखते हुए उसे सजा सुनाने में नरम रवैया अपनाया। उसे 2500 रुपये का अर्थदण्ड भी देना होगा।