दोनों सिपाहियों को बर्खास्त करने की तैयारी भी शुरू की गई
- फोटो : फाइल फोटो
प्रवर्तन निदेशालय का अधिकारी बनकर नोएडा के बिल्डर से फीरोजाबाद के सिरसागंज में 80 लाख रुपये के पुराने नोट लूटने के आरोप में निलंबित किए गए आगरा ट्रैफिक पुलिस के सिपाही राघवेंद्र सिंह और भारत मिश्रा के हाथों में हथकड़ी लगना लगभग तय हो गया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज करने का मन बना लिया है। फिलहाल पीड़ित व्यापारी से एक बार फिर तहरीर देने के लिए कहा गया है। अगर वह राजी नहीं होता है तो पुलिस अपनी ओर से केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार करेगी। इसके तुरंत बाद उन्हें बर्खास्त भी कर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अपने किए की सजा भुगतनी होगी।
राघवेंद्र सिंह मैनपुरी के करहल का रहने वाला है। भारत मिश्रा एटा के अलीगंज का। पीड़ित बिल्डर मूल रूप से दिल्ली के सर्वप्रिय नगर का बताया गया है लेकिन फिलहाल नोएडा में रह रहा है। उसके दो ड्राइवर फर्रुखाबाद के हैं ।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि एक ड्राइवर राघवेंद्र और भारत मिश्रा को जानता है। उसने ही इन दोनों को बताया था कि कानपुर के एक बैंक अधिकारी से सेटिंग करके बिल्डर एक दिसंबर को कार से1000-500 के 80 लाख रुपये के पुराने नोट जमा कराने जा रहा है। इसी के बाद सिपाहियों ने लूट का प्लान तैयार किया। दोनों ने आगरा में कार पर नीली बत्ती लगाई और फीरोजाबाद के सिरसागंज में खुद को ईडी अफसर बताकर बिल्डर से 80 लाख लूट लिए ।
एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने दोनों को सोमवार को ही सस्पेंड कर दिया था। मंगलवार को आईजी सुजीत पांडे ने निर्देश दिए कि उन परकेस दर्ज किया जाए। उनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई भी की जाए।
ड्राइवर भी जाएगा जेल
आगरा। पुलिस सूत्रों का कहना है कि लूट की साजिश में बिल्डर का एक ड्राइवर शामिल रहा है। उसे भी केस में आरोपी बनाया जाएगा। उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
बिल्डर ने खुद की पड़ताल
सिपाहियों ने बिल्डर से कहा था कि उन्हें सूचना मिली है कि उसकी गाड़ी में 80 लाख रुपये हैं। इस पर बिल्डर को शक हो गया कि सूचना ड्राइवर ने लीक की है। उसने ड्राइवर से सख्ती से पूछताछ कर लूट की पूरी साजिश का पता लगाया। उसने ड्राइवर को धमकी दी कि उसे जेल भिजवा देगा, लेकिन अगर सहयोग किया तो बख्स देगा। इसके बाद ही ड्राइवर ने दोनों सिपाहियों के नाम बताए।