एसएन मेडिकल कालेज के एमएस द्वितीय वर्ष के छात्र डा. अमित जायसवाल ने
अपने सीनियर डा. विकास बंसल, डा. शशि चौरसिया, डा. नृपेंद्र शर्मा और डा.
आशुतोष पर मारपीट और गालीगलौज का आरोप लगाया है। एंटी रैगिंग सेल और
प्राचार्य से शिकायत की कि ड्यूटी खत्म होने पर भी यह चाराें उसे हास्टल
नहीं जाने देते। दिल्ली की एंटी रैगिंग सेल ने भी प्राचार्य से पूरे मामले
की जानकारी ली। आनन-फानन में शुक्रवार को प्राचार्य ने हड्डी रोग
विभागाध्यक्ष डा. सीपी पाल, एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डा. त्रिलोक चंद और
सर्जरी विभाग की डा. जूही सिंघल को मामले की जांच सौंपी।
समझौते का दबाव
रैगिंग
करने वाले छात्राें पर कार्रवाई न होने से सीनियराें के हौसले बुलंद हैं।
इसके लिए कालेज प्रशासन की लापरवाही भी बड़ी वजह है। ऐसे मामलाें में हर
बार कालेज प्रशासन का समझौता कराने पर जोर रहता है। बीते दिनाें पंत हास्टल
प्रकरण, सर्जरी और आर्थोपैडिक विभाग में हुई रैगिंग प्रकरण में भी समझौता
कराया गया। सूत्र बताते हैं कि इस मामले में भी छात्र पर समझौता करने का
दबाव बनाया जा रहा है।