कागज कारोबारी प्रतीक वार्ष्णेय के अपहृत पुत्र दिव्य की बरामदगी कराने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी सक्रिय हुए हैं। उन्होंने डीजीपी जावीद अहमद से इस बारे में बात की है। इसके बाद डीजीपी ने एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत चौधरी और एसटीएफ के अफसरों को निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद अभी तक दिव्य का सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि घटना के बाद ही मुख्यमंत्री को घटना की जानकारी मिल गई थी। उनके कार्यालय से आला अफसरों से बात की गई थी। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने खुद डीजीपी को फोन किया। इसके बाद दिव्य की तलाश में लगीं पुलिस टीमों की सक्रियता बढ़ी है लेकिन इसका कोई नतीजा अभी तक नहीं निकल पाया है। मुख्यमंत्री को 17 मार्च को एक कार्यक्रम में आगरा आना है। इसी को ध्यान में रखकर पुलिस अफसरों ने पूरी ताकत झोंकी है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अभी तक 40 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। अपहर्ताओं के जेल में बंद और फरार चल रहे गिरोह पर भी पुलिस की दो टीमें काम कर रही हैं। लेकिन अभी तक दिव्य का अपहरण करने वाला गिरोह ट्रेस नहीं हो पाया है।
:: दिव्य की तलाश में पुलिस की टीमें लगी हैं लेकिन अभी तक की जांच की कोई प्रगति नहीं है - दलजीत चौधरी ( अपर पुलिस महानिदेश, कानून व्यवस्था )
:: पुलिस अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ रही है लेकिन इस केस में अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है - अजय मोहन शर्मा ( डीआईजी )