आग से 50 झोपड़ियां जलीं हैंसर। धनघटा क्षेत्र के दौलतपुर गांव में मंगलवार को आग से 50 लोगों की झोपड़ियां जल गईं। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आसपास के गांवों के लोगों की मदद से किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका। वहीं अग्निशमन टीम के देर से पहुंचने पर भी लोगों ने नाराजगी जताई। गांव के लोगों अनुसार मंगलवार दोपहर करीब दो बजे राम ललित की झोपड़ी में अचानक आग लग गई। तेज हवा चलने के कारण आग फैलती गई और पूरे गांव में फैल गई। जिससे नागेंद्र, सुरेंद्र, अरविंद, नंदलाल, राघवेंद्र, बीरेंद्र, सितई, बालेंद्र, बलिकरन, शिवचरन, महेंद्र, रामचरन, हरेंद्र, पप्पू, चुन्नीलाल, रामकेश, रामसकल, राजाराम, राजेंद्र, रामसागर, श्रीराम, रामशरीक, सुखराम, कालीचरन, मुन्नीलाल, सुरेश, इंद्रेश , सभाजीत, बेचन, रामदास, भगवानदास, संतोष, मुहम्मद रजा, गोबरी, पूजन, रामनेवास, भीम, ढ़ोढई, हीरालाल समेत 50 लोगों की झोपड़ियां जल गईं। वहीं आग बुझाने के प्रयास में श्रीदेवी पत्नी रामदास और मुहम्मद रजा के घर आई एक रिश्तेदार महिला भी झुलस गई। जिनका उपचार सीएचसी मलौली में चल रहा है। पीड़ितों के मुताबिक अग्निकांड में 35 साइकिलें और एक बाइक भी जल गई। अधिकांश पीड़ितों ने जो कपड़े पहने थे वहीं बचे है। खबर पाकर डीएम डॉक्टर सरोज कुमार और एसपी शैलेष कुमार पांडेय भी पहुंच गए और पीड़ितों से घटना की जानकारी हासिल की। नायब तहसीलदार आर के पांडेय ने बताया कि कुल 47 लोगों के घर जले हैं। पीडितों को रहने के लिए टेंट और भोजन की व्यवस्था कराई जा रही है। वहीं घटना के बाद गांव में कोहराम मचा हुआ था। हर तरफ महिलाओं की चीख सुनाई दे रही थी। जबकि पुरुषों की आंखे आंसुओं से डबडबाई हुई थी। अग्निशमन दल के देर से पहुंचने के बाबत एसपी ने बताया कि कंट्रोल रूम को साढ़े तीन बजे आग की सूचना मिली। इसके बाद दमकल टीम को रवाना किया गया। दौलतपुर पहुंचने का रास्ता खराब होने के कारण दमकल वाहन देरी से पहुंचा।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
धनघटा क्षेत्र के दौलतपुर गांव में मंगलवार को आग से 50 लोगों की झोपड़ियां जल गईं। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आसपास के गांवों के लोगों की मदद से किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका। वहीं अग्निशमन टीम के देर से पहुंचने पर भी लोगों ने नाराजगी जताई।
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गांव के लोगों अनुसार मंगलवार दोपहर करीब दो बजे राम ललित की झोपड़ी में अचानक आग लग गई। तेज हवा चलने के कारण आग फैलती गई और पूरे गांव में फैल गई। जिससे नागेंद्र, सुरेंद्र, अरविंद, नंदलाल, राघवेंद्र, बीरेंद्र, सितई, बालेंद्र, बलिकरन, शिवचरन, महेंद्र, रामचरन, हरेंद्र, पप्पू, चुन्नीलाल, रामकेश, रामसकल, राजाराम, राजेंद्र, रामसागर, श्रीराम, रामशरीक, सुखराम, कालीचरन, मुन्नीलाल, सुरेश, इंद्रेश , सभाजीत, बेचन, रामदास, भगवानदास, संतोष, मुहम्मद रजा, गोबरी, पूजन, रामनेवास, भीम, ढ़ोढई, हीरालाल समेत 50 लोगों की झोपड़ियां जल गईं।
वहीं आग बुझाने के प्रयास में श्रीदेवी पत्नी रामदास और मुहम्मद रजा के घर आई एक रिश्तेदार महिला भी झुलस गई। जिनका उपचार सीएचसी मलौली में चल रहा है। पीड़ितों के मुताबिक अग्निकांड में 35 साइकिलें और एक बाइक भी जल गई। अधिकांश पीड़ितों ने जो कपड़े पहने थे वहीं बचे है। खबर पाकर डीएम डॉक्टर सरोज कुमार और एसपी शैलेष कुमार पांडेय भी पहुंच गए और पीड़ितों से घटना की जानकारी हासिल की।
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नायब तहसीलदार आर के पांडेय ने बताया कि कुल 47 लोगों के घर जले हैं। पीडितों को रहने के लिए टेंट और भोजन की व्यवस्था कराई जा रही है। वहीं घटना के बाद गांव में कोहराम मचा हुआ था। हर तरफ महिलाओं की चीख सुनाई दे रही थी। जबकि पुरुषों की आंखे आंसुओं से डबडबाई हुई थी।
अग्निशमन दल के देर से पहुंचने के बाबत एसपी ने बताया कि कंट्रोल रूम को साढ़े तीन बजे आग की सूचना मिली। इसके बाद दमकल टीम को रवाना किया गया। दौलतपुर पहुंचने का रास्ता खराब होने के कारण दमकल वाहन देरी से पहुंचा।