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यूपी को हिलाकर रख देने वाले मथुरा के सराफ हत्याकांड में दाखिल हुई 311 पन्नों की चार्जशीट

Fri, 18 Aug 2017 08:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला मथुरा
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मथुरा लूटकांड का सीसीटीवी - फोटो : SELF
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मथुरा के बहुचर्चित सराफा हत्याकांड की 311 पन्नों की चार्जशीट गुरुवार को सीजेएम कोर्ट में दाखिल कर दी है। कोतवाली पुलिस ने कुख्यात अपराधी राकेश उर्फ रंगा और उसके भाई नीरज, कामेश उर्फ चीनी के साथ आठ बदमाशों को मुख्य आरोपी बनाया है। 
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सरगना राकेश उर्फ रंगा को दर्शाया गया है। लखन माहौर को इन बदमाशों का शरणदाता बताया गया है। जबकि रंगा के चाचा हर्षवर्धन को लूट का माल छुपाने का जिम्मेदार ठहराया है।

बता दें कि बीती पंद्रह मई को मथुरा में होलीगेट के पास कोयला वाली गली में सराफा मेघ अग्रवाल और विकास अग्रवाल की हत्या करके चार करोड़ का सोना लूटा गया था। इसका खुलासा सराफा की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे से हुआ था। जब पुलिस ने कैमरे के फुटेज निकाले तो उनके आधार पर चौबियापाड़ा के रत्नकुंड निवासी राकेश उर्फ रंगा और उसके भाइयों के नाम सामने आए। 
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पुलिस ने मुठभेड़ के बाद बदमाशों को चौबियापाड़ा से गिरफ्तार कर लिया था। इनके कब्जे से लूटा गया सोना भी बरामद हुआ। जैसे-जैसे पड़ताल होती गई इस वारदात में बदमाशों के नाम भी बढ़ते चले गए। एक रूपेश नाम का बदमाश भी प्रकाश में आया था जिसने 25 मई को आगरा में अपनी मौसी के यहां आत्महत्या कर ली थी। 

10 बदमाशों को भेजा जेल

राकेश रंगा - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने इस लूटकांड में 10 बदमाशों को जेल भेजा था। गुरुवार को कोतवाली पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। पुलिस ने आठ बदमाशों को मुख्य मुल्जिम बनाया है। जबकि एक शरणदाता और दूसरा लूटे माल को छुपाने में जिम्मेदार ठहराया है। 311 पन्नों की इस चार्जशीट में लूट की प्लानिंग राकेश उर्फ रंगा ने की थी। बदमाशों के साथ जाकर लगातार तीन दिन तक रेकी भी की गई। कोतवाली प्रभारी डीएन मिश्रा का कहना है कि गुरुवार को चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। 
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हत्याकांड में बनाए 76 गवाह

rakesh ranga - फोटो : amar ujala
राकेश उर्फ रंगा, नीरज, कामेश उर्फ चीनी, आयुष, आदित्य कुमार, सौरभ यादव, महेश यादव, हर्षवर्धन एवं लखन माहौर को पुलिस ने आरोपी बनाया है। इनमें से रूपेश यादव ने आत्महत्या कर ली थी। सराफा हत्याकांड में कोतवाली पुलिस ने 76 गवाह भी बनाए हैं। इनमें पुलिस के अफसर, डाक्टर एवं स्थानीय लोग भी शामिल हैं। इन सभी गवाहों एवं तथ्यों के आधार पर पुलिस ने चार्जशीट तैयार की।

सराफा डबल मर्डर के बाद आगरा एफएसएल ने तथ्य जुटाए थे। अभी तक इसकी रिपोर्ट न आने पर कोतवाली प्रभारी डीएन मिश्रा ने गुरुवार को फिर रिमाइंडर भेजा है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि जल्द ही एफएसएल की रिपोर्ट आते ही इसे भी शामिल किया जाएगा।
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