मथुरा के जवाहरबाग कांड के मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव के प्रमुख सहयोगी रहे चंदन बोस को अदालत ने पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। चंदन बोस पर जवाहर बाग में आलू खोद रही महिला उद्यानकर्मी से छेड़छाड़ का आरोप था। चंदन बोस के साथ हरनाथ पर भी निर्णय सुनाया जाना था, लेकिन नैनी जेल से वह कोर्ट में हाजिर नहीं हो सका।
15 मार्च 2016 को जवाहर बाग के तथाकथित आंदोलनकारियों ने आलू खोद रहे उद्यानकर्मियों से बंधक बनाकर मारपीट की थी। इस मामले में 21 जनवरी को अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन-2 द्वारा 43 अभियुक्तों को सजा सुनाई गई थी। उस दिन चंदन बोस फतेहपुर जेल तथा हरनाथ नैनी जेल से कोर्ट में हाजिर नहीं हुए थे।
दोनों पर निर्णय सुनाए जाने के लिए कोर्ट ने 28 जनवरी की तिथि तय की थी। सोमवार को भी कोर्ट में फतेहपुर जेल से केवल चंदन बोस ही आ सका। उस पर उद्यानकर्मी महिला से छेड़छाड़ का आरोप था। कोर्ट ने चंदन बोस को छेड़छाड़ के मामले में पांच वर्ष के कारावास तथा पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।