सीजेएम कोर्ट में एक मामले में झूठे साक्ष्य देने पर विशेष सचिव नियोजन लखनऊ, आयुक्त स्टांप एवं निबंधन लखनऊ, तत्कालीन एसपी और इंस्पेक्टर कोतवाली के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए सीजेएम ने पांच अप्रैल की तारीख तय कर दी गई है।
थाना कोतवाली क्षेत्र के कचहरी रोड नवाटेढ़ा हाउस निवासी राज्य कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र सिंह चौहान के खिलाफ वर्ष 2009 में थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच के बाद आरोप सही पाकर सुनवाई के लिए अदालत में चार्जशीट भेज दी।
शनिवार को इस मामले की सुनवाई हुई। सीजेएम कोर्ट में योगेंद्र सिंह चौहान के अधिवक्ता अरविंद कुमार पांडेय ने तर्क दिया कि मुकदमे की जांच के दौरान अदालत में तत्कालीन डीएम मिनिस्ती एस, तत्कालीन एसपी एसआरएस आदित्य, तत्कालीन एडीएम रामकेवल, तत्कालीन इंस्पेक्टर कोतवाली दयाशंकर सिंह ने गुमराह करने के लिए झूठे साक्ष्य दिए हैं।
सीजेएम शक्ति सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की अगली सुनवाई पांच अप्रैल को सीजेएम कोर्ट में होगी।