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अपनी ही सरकार में सुरक्षित नहीं यूपी के मंत्री, कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

Sun, 14 Jan 2018 08:51 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला मथुरा
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रिश्तेदार की हत्या के बाद प्राइवेट हॉस्पिटल पहुंचे कैबिनेट मंत्री व अन्य - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश में अपनी ही सरकार में मंत्री सुरक्षित नहीं हैं। प्रदेश के दुग्ध विकास और धर्मार्थ मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कानून व्यवस्‍था पर सवाल उठाए हैं। 
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उन्होंने कहा कि एक सप्ताह पहले उनकी गैस एजेंसी के कर्मचारी को गोली मारकर 4.50 लाख रुपए लूट लिए थे और शनिवार को उनकी समधी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। 

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर हुई बातचीत में दोनों वारदातों को बता दिया है। समधी की हत्या के बाद नयति हास्पिटल पहुंचे कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने पुलिस के आला अफसरों को हत्यारोपियों को शीघ्र पकड़ने को कहा है। 
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बता दें कि पुलिस अभी तक कैबिनेट मंत्री की गैस एजेंसी के कर्मचारी से कैश लूटने वाले बदमाशों को भी नहीं पकड़ पाई है। जबकि पुलिस अधिकारी बड़े बड़े दावे कर रहे थे।

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा व तमाम लोग पहुंचे

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा - फोटो : अमर उजाला
पूर्व एमएलसी लेखराज चौधरी के समधी पूर्व प्रधान चौधरी सरमन सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या की खबर पर प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा, प्रदेश के दुग्ध विकास और धर्मार्थ मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी भी नयति हास्पिटल पहुंच गए। 

यहां पर दोनों मंत्रियों ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर अफसरों को जमकर लताड़ा। नयति हास्पिटल पर डीएम सर्वज्ञराम मिश्र समेत पुलिस-प्रशासन के तमाम अफसर भी पहुंचे। 

इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष ममता चौधरी, पूर्व एमएलसी लेखराज चौधरी, जिला पंचायत सदस्य नरदेव चौधरी समेत राजनीतिक दलों के नेता भी नयति पहुंचे। पूर्व प्रधान के परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। 
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पहले ले गए कोसीकलां, फिर लाए अस्पताल

गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए पूर्व प्रधान सरमन सिंह को पुलिस की मदद से ग्रामीण पास होने के चलते कोसीकलां ले गए। यहां हालत चिंताजनक होने पर उन्हें नयति हास्पिटल रेफर कर दिया गया। 

इसी बीच में जो समय लगा, उससे खून का रिसाव अधिक हो गया। समय से लेकर नयति पहुंचने के बाद उन्हें अंदर ले जाया गया। यहां पर चिकित्सकों ने कुछ देर बाद ही पूर्व प्रधान को मृत घोषित कर दिया गया।

पूर्व प्रधान की हत्या के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने दो घंटे तक आगरा दिल्ली हाईवे को जाम रखा। हजारों वाहन जाम के झाम में फंसे रहे। सड़क पर पत्थर डालकर ग्रामीण पुलिस के खिलाफ आवाज बुलंद करते दिखे। हाईवे पर लंबी-लंबी वाहनों की कतारें लग गई। 

पूर्व प्रधान की हत्या के खुलासे के लिए चार टीमों को लगाया गया है। एसपी देहात आदित्य शुक्ला ने बताया कि चार टीमें गठित की गई है। जल्द ही हत्यारोपियों को दबोचने के लिए दबिशें दी जा रही हैं।
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