न्यू आगरा स्थित सुरेश नगर कालोनी में बदमाशों ने शुक्रवार दोपहर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के रिटायर्ड डीआईजी सैयद अब्दुल कादिर (75) की गला दबाकर हत्या करने के बाद घर में लूटपाट की। वे एकाकी जीवन व्यतीत कर रहे थे। शाम को नौकरानी नसरीन पहुंची तो दरवाजे खुले पड़े थे। कादिर का शव किचन के सामने पड़ा था। दिनदहाड़े हुई लूट और हत्या से कालोनी में सनसनी फैल गई। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाएड की मदद से पुलिस ने सुराग तलाशने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
सैयद अब्दुल कादिर की पत्नी की तकरीबन आठ साल पहले कैंसर से मौत हो गई थी। उनकी बेटी यासमीन शाहिद खंदारी में ब्याही है। सेंट पेट्रिक्स स्कूल में शिक्षिका हैं। बड़ा बेटा अकरम उर्फ अक्कू गुड़गांव में मल्टी नेशनल कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर है। छोटा बेटा अमजद उर्फ छोटू नोएडा में साफ्टवेयर इंजीनियर है। कादिर की देखभाल पिछले आठ साल से उनकी घरेलू नौकरानी नूर की बगीची (न्यू आगरा) की नसरीन करती थी। नसरीन ने पुलिस को बताया कि वह सुबह 10:30 बजे आई। खाना बनाकर उन्हें देने के बाद वह दो बजे चली गई।
उसे अंकल (कादिर) ने बताया था कि बैंक से दो लाख रुपये निकालने जाना है। बेटे अमजद की 20 अक्तूबर को शादी है। इसी के लिए पैसा निकालना था। शाम 5:30 जब वह उनके घर पहुंची तो दरवाजे खुले थे। किचिन के सामने कादिर का शव पड़ा था। उनके गले में स्वाफी बंधी हुई थी। मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था। अलमारी भी खुली थी, उसमें से नगदी और जेवर गायब थे। नसरीन के शोर मचाने पर कालोनी के लोग इकट्ठे हो गए। कुछ ही देर में एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह, एसपी सिटी आरके सिंह, सीओ हरीपर्वत पुलिस पहुंची।
उनके भाई खालिद खान ने बताया कि कादिर ने पहले सेना में 8 ग्रेनेडियर बटालियन में सेकेंड लेफ्टिनेंट के पद पर कार्य किया। बाद में सीमा सुरक्षा बल में चले गए, जहां से डीआईजी के पद से रिटायर हुए थे। बदमाशों ने कितना माल लूटा है, ये साफ नहीं हो सका था।
अब्दुल कादिर हत्याकांड
पुलिस का पहला शक नौकरानी के करीबी पर
कैश की जानकारी होने पर की गई अब्दुल कादिर की हत्या
शक - 1 : जानकार ने ली जान
नौकरानी ने अनजाने में अपने किसी ऐसे करीबी को अब्दुल कादिर के बैंक से दो लाख निकालकर लाने की जानकारी दी, जिसे वे भी जानते थे। उसने पहचाने जाने के चलते लूट के बाद हत्या की।
शक - 2 : जुआरियों-सटोरियों का हाथ
कालोनी के आसपास कई जुआरी और सटोरिए रहते हैं। इनमें किसी ने बैंक में अब्दुल कादिर को कैश निकालते देख लिया। और फिर उनका पीछा करते हुए घर आकर लूट के लिए हत्या कर दी।
शक - 3 : पेशेवर गैंग ने की वारदात
कोई पेशेवर गैंग बड़ी लूट के इरादे से अब्दुल कादिर के घर में घुसा, लेकिन उनके द्वारा विरोध किए जाने के चलते उनकी गला घोटकर हत्या करने के बाद कैश लेकर भाग निकला।
शक-4 : वजह कुछ और
हत्या का मकसद कुछ और रहा है, लेकिन पुलिस को उलझाने के लिए दो लाख कैश लूटा गया हो। लाश किचन के बाहर मिलने के चलते पुलिस की जांच की दिशा इस ओर भी है।
आगरा। सुरेश नगर में रहने वाले रिटायर्ड सैन्य अधिकारी अब्दुल कादिर की हत्या में आसपास के व्यक्ति का हाथ होने की आशंका है। कादिर बैंक से दो लाख रुपये निकालने गए थे। इसकी जानकारी उनकी घरेलू नौकरानी को थी। माना जा रहा है कि इसकी भनक आसपास के किसी व्यक्ति को भी हो गई। उसने ही लूटपाट के लिए हत्या की। पुलिस का पहला शक नौकरानी के एक करीबी पर है। उससे पूछताछ की जा रही है।
नौकरानी नसरीन ने पुलिस को बताया कि वे बेटे की शादी के लिए घर में रंगरोगन कराने को दो लाख रुपये निकालने बैंक गए थे। कादिर के घरवालों ने बताया कि वे गेट किसी के लिए भी खोल देते थे। कई दफा नसरीन टोकती भी थी, मगर वे ज्यादा गौर नहीं करते थे। नौकरानी का मानना है कि किसी परिचित के आने पर ही गेट खोेला होगा।
बदमाशों ने कोठी के ड्राइंग रूम में किसी सामान को हाथ नहीं लगाया। लाश किचन के सामने पड़ी मिली। इसके पास ही कादिर का कमरा है। बदमाशों ने केवल अलमारी को ही खोला। अन्य सामान को नहीं छुआ। इससे जाहिर होता है कि बदमाश केवल बैंक से निकाला कैश और जेवर आदि लूटने आए होंगे। घर में लाइसेंसी बंदूक समेत अन्य सामान भी सुरक्षित मिला है।
हर शनिवार को आती थीं बेटी
खंदारी में रहने वाली कादिर की बेटी यासमीन हर हफ्ते शनिवार को अपने पिता के घर आती थीं। बेटी ने पुलिस को बताया कि पिता से रोजाना ही संपर्क रहता था। भाई की शादी नोएडा जाकर करने की बातचीत चल रही थी।
नमाज से लौटने के बाद हुई हत्या
कादिर रोजाना पांच वक्त नमाज पढ़ते थे। वे नमाज पढ़ने न्यू आगरा स्थित मस्जिद में जाते थे। नौकरानी ने बताया कि दोपहर दो बजे वे रोजाना की तरह नमाज पढ़ने गए थे। मस्जिद के इमाम ने जानकारी दी कि ढाई बजे वे उनसे मिले थे। माना जा रहा है कि इसके बाद वे घर लौटे। दोपहर तीन से साढ़े पांच बजे के बीच में ही उनकी हत्या की गई। हत्यारों को ये भी पता होगा कि घर में कादिर अकेले ही रहते हैं।
सुरक्षित नहीं हैं एकाकी बुजुर्ग
शहर में एकाकी रहने वाले बुजुर्ग सुरक्षित नहीं हैं। ऐसे कई बुजुर्ग लोगों की बदमाश हत्या करके लूटपाट कर चुके हैं।
- जुलाई 2014 में न्यू आगरा के टैगोर नगर में अकेली रहने वाली वृद्धा की घर आने वाले सफाई कर्मचारी ने हत्या करके लूटपाट की थी।
- 2014 में ही न्यू आगरा में रिटायर्ड वैज्ञानिक दंपति को बंधक बनाकर बदमाशों ने लूटपाट की थी।
- 2013 में सदर के शहीद नगर में एकाकी वृद्धा की हत्या के बाद लूट हुई थी।