आगरा के एत्माद्दौला क्षेत्र में 10 माह की अबोध बच्ची से हैवानियत की गई। उसे मां के पास सोते समय अगवा कर लिया गया। दरिंदे ने मंदिर के पास सुनसान इलाके में ले जाकर क्रूरता की गई। पुलिस ने चार घंटे बाद बच्ची को बरामद किया। उसके चेहरे और नाजुक अंग पर जख्म मिले हैं। आशंका है कि चोर ने यह हरकत की है। क्योंकि बच्ची के पिता के 2500 रुपये और मोबाइल चोरी हुए हैं।
बताया गया है कि मध्य प्रदेश के दमोह से एक ही परिवार के 15 लोग एक महीने पहले मजदूरी के लिए आगरा आए थे। एत्माद्दौला क्षेत्र में एक अपार्टमेंट का निर्माण चल रहा है। सभी मजदूर अपार्टमेंट में काम कर रहे हैं। भवन की पहली मंजिल पर मजदूरों के परिवार रहते हैं।
सोमवार रात को एक मजदूर की दस माह की बेटी मां के पास सो रही थी। रात तकरीबन 12 बजे एक अन्य मजदूर की आंख खुली। उसने एक बैग का सामान बिखरा देखा तो शोर मचा दिया। इस पर सभी मजदूर जाग गए।
उधर, अबोध मां के पास नहीं थी। यह देखकर हड़कंप मच गया। बच्ची के पिता के 2500 रुपये और एक मोबाइल भी गायब था। उन्होंने बच्ची की तलाश शुरू कर दी। उसके नहीं मिलने पर पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास के इलाके में ढूंढना शुरू कर दिया।
दीवार के पास रोती मिली, मुंह से निकल रहा था खून
चार घंटे बाद निर्माणाधीन भवन से 200 मीटर की दूरी पर स्थित चामुंडा देवी मंदिर के गेट के सामने बनी दीवार के पास बच्ची रोती मिली। उसके चेहरे पर चोट थी। मुंह से खून निकल रहा था। चेहरे पर जख्म थे। हाथ और नाजुक अंग पर चोट का निशान था। उसके साथ हैवानियत करके यहां पर फेंक जाने की आशंका जताई गई।
बच्ची को एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। एसपी सिटी कुंवर अनुपम सिंह का कहना है कि पीड़ित मजदूर ने चोरी की तहरीर दी है। बच्ची का मेडिकल कराया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने का इंतजार किया जा रहा है। एक व्यक्ति पर शक है। जांच की जा रही है।
बलि का हल्ला मचा
अबोध को चामुंडा देवी मंदिर के गेट के पास दीवार के सहारे छोड़ा गया। हल्ला मच गया कि उसकी बलि देने के लिए मंदिर लाया गया। मंदिर में प्रतिमा पर रोली लगी हुई थी। फूल भी पड़े हुए थे। हालांकि उसे अस्पताल में भर्ती कराए जाने पर पता चला कि वह दरिंदगी की शिकार बनी है।
20 घंटे तक मामला दबाए रही पुलिस
बच्ची के साथ हैवानियत की घटना में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। पुलिस के मिलने पर परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया। बाद में मजदूर ने उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया। पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी। मंगलवार शाम को मामला मीडिया में आने के बाद थाना पुलिस हरकत में आई। इसके बाद अधिकारियों को जानकारी दी। पुलिस ने अपार्टमेंट के आसपास पहुंचकर जांच की।