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भाजपाइयों और पुलिस में ठनी

Mon, 30 Nov 2015 01:30 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
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आईजी दफ्तर में 23 नवंबर की शाम हुए बवाल के मामले में पुलिस अफसरों और भाजपा नेताओं में ठन गई है। भाजपा नेताओं की तैयारी पुलिस के खिलाफ लाठीचार्ज के सुबूत जुटाकर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से शिकायत करने और विधानसभा में मामला उठाने की है। इधर, पुलिस का प्लान रकाबगंज थाना में अज्ञात में दर्ज केस मेें आरोपियों के नाम-पते खोलकर भाजपा नेताओं को बैकफुट पर लाने का है।
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दोनों के तरीके में फर्क  यह है कि भाजपा नेता हल्ला मचा रहे हैं, जबकि पुलिस अधिकारी खामोशी से शिकंजा कस रहे हैं। पुलिस ने जिस मुकदमे को हथियार बनाया है, उसमें भाजपाइयों और व्यापारियों के खिलाफ बलवा, सरकारी काम में बाधा और रास्ता जाम करने के संगीन आरोप हैं।
इसमें आरोपियों की संख्या 200-250 है, लेकिन किसी का नाम नहीं है। पुलिस सूत्रों की मानें तो यह केस दर्ज ही इसलिए कराया गया था कि अगर भाजपा लाठीचार्ज को मुद्दा बनाकर घेराबंदी करे तो बचाव में इसका इस्तेमाल किया जा सके। अब जैसे ही भाजपा नेताओं ने खुलकर पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोला, वैसे ही इस केस की जांच शुरू करा दी गई। पुलिस ने घटनाक्रम की वीडियो रिकार्डिंग लेकर आरोपियों के चेहरे पहचानने शुरू कर दिए। ऐसे साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं, जिनके सहारे गलती भाजपा नेताओं की साबित की जा सके।
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि एक रिकार्डिंग में भाजपा नेता सिपाही को धमकी देते नजर आ रहे हैं। दूसरी ओर भाजपाइयों ने लाठीचार्ज के सुबूत जुटाए हैं। पुलिस पर भाजपाइयों और व्यापारियों के अलावा मीडियाकर्मियों पर लाठीचार्ज का आरोप है। भाजपा नेताओं ने वीडियो रिकार्डिंग और फोटो इकट्ठा किए हैं। घायलों से भी बात की गई है। इसके अलावा सराफ धन कुमार जैन पर हुए जानलेवा हमले का फर्जी खुलासा किए जाने के साक्ष्य भी भाजपा ने जुटा लिए हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी खुद पूरे मामले की पड़ताल करके गए हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया सुबूत जुटाकर सीएम अखिलेश यादव से शिकायत करने के लिए कह चुके हैं।

पुलिस के आरोप
आईजी के ज्ञापन लेने के बाद भी भाजपाई हंगामा-प्रदर्शन करते रहे
वीडियो रिकार्डिंग कर रहे सिपाही का कैमरा तोड़ने की कोशिश की गई
आईजी दफ्तर के बाहर रास्ता जाम कर दिया, लोगों को परेशानी हुई
भाजपा केआरोप
पुलिस अधिकारी ने महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी की
भाजपाइयों, व्यापारियों, मीडियाकर्मियों पर लाठीचार्ज किया
सराफ धन कुमार जैन पर हमले का फर्जी खुलासा किया
 कहां तक पहुंची जांच
जांच अधिकारी एसपी प्रोटोकोल अशोक कुमार त्रिपाठी का कहना है कि लाठीचार्ज और फर्जी खुलासे के आरोप दोनों की जांच चल रही है। दोनों मामलों में बयान दर्ज कराने के लिए संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। लाठीचार्ज मामले में वीडियो रिकार्डिंग भी देखी गई है।
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