कमला नगर से पांच जनवरी से अपहृत अभिषेक उर्फ बिट्टू के परिवार का आगरा पुलिस से भरोसा उठ गया है। ये लोग अब सीबीआई जांच चाहते हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को लगातार खत लिख रहे हैं। बिट्टू के पिता संजय अग्रवाल का कहना है कि पुलिस गंभीर होती तो बेटा मिल जाता।
सेंट पीटर्स स्कूल के कक्षा नौ के छात्र बिट्टू का अपहरण ट्यूशन जाते समय कमला नगर से ही हुआ था। पास की कालोनी के एक बालक ने खुद को घटना का चश्मदीद बताया था। लेकिन आज तक अपहरण का राज नहीं खुला पाया। बिट्टू के परिवार के पास न फिरौती का खत आया और न फोन। यह भी पता नहीं चल पाया कि अपहरण हुआ तो क्यों हुआ और किसने किया? बिट्टू के पिता इंटीरियर डेकोरेटर हैं। वह उनका इकलौता पुत्र है।
उसकी बरामदगी के लिए सैंकड़ों लोगों ने जुलूस निकाला। धरना प्रदर्शन किया। पुलिस ने पांच टीमें गठित कीं लेकिन उसका कुछ सुराग तक न लगा पाई। अब बिट्टू के पिता संजय अग्रवाल का कहना है कि वे सीबीआई से जांच चाहते हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री को खत लिख रहे हैं। सीएम सिफारिश करें। केंद्रीय गृहमंत्री को भी खत लिखा है।
मैने सुराग दिया था , पुलिस ने काम नहीं किया
आगरा। बिट्टू के पिता संजय अग्रवाल का कहना है कि उनकेपास बिट्टू के अपहर्ताओं के बारे में सटीक सुराग है। अगर पुलिस ने उस पर काम किया होता तो बात बन सकती थी। उन्हें जिस पर शक है, उसकी पुलिस में पैंठ हैं। संजय कहते हैं कि वे यह आरोप बगैर सुबूत के नहीं लगा रहे। उनके घर जैसे ही पुलिस आती है, उसके पास सूचना पहुंच जाती है। अगर रात में भी सिपाही आते हैं, तो उसे खबर होती है। इसका क्या मतलब है। अधिकारी कहते हैं कि इस सुराग पर काम कर चुके लेकिन यह नहीं बताते कि क्या किया?
-- नेताओं ने भी छोड़ दिया साथ
बिट्टू के अपहरण के बाद उसके घर नेताओं की लाइन लग गई। बच्चे के मिलने तक उसके परिवार का साथ देने का वादा किया। लेकिन बाद में कोई पीड़ा सुनने भी नहीं आया।
--चार इंस्पेक्टर बदले, नतीजा शून्य
बिट्टू के अपहरण के बाद न्यू आगरा थाना में चार इंस्पेक्टर बदल चुके हैं। सभी ने उसकी तलाश में रात दिन एक करने की बात कही लेकिन कामयाबी किसी को नहीं मिली।