उसने बताया कि घटना वाले दिन आठ लोग एक साथ थे। चार बस में और चार
बाइकों पर थे। घटना को अंजाम देने के बाद सभी अलग-अलग दिशाओं में भागे।
इसके बाद सभी की सादाबाद में नियत ठिकाने पर मुलाकात हुई और फिर अलग हो गए।
पुलिस अजीत की शिनाख्त भोला को छुड़ाने की घटना में घायल हुए सिपाहियों से
कराएगी।
सोनू से दूर रखा जाएगा भोला का साथी
अलीगढ़
जिला कारागार में पंकज उर्फ भोला का विपक्षी सोनू गौतम भी बंद है। सोमवार
को अजीत को भी जेल भेजा गया है। दोनों में किसी तरह की तकरार न हो, इसके
मद्देनजर दोनों में दूरी रखी जाएगी। सोनू पहले से तन्हाई बैरक में है। फिर
भी अजीत पर नजर रखी जाएगी और उसकी बैरक भी दूर रहेगी।