दवा व्यवसायी जीवनदत्त शर्मा उर्फ जेडी पर जानलेवा हमले का पता चलने के बाद पुलिस जब आरोपी शत्रुघ्न दुबे के दफ्तर पहुंची तो वहां सीसीटीवी कैमरे लगे मिले। सोचा कि पूरा घटनाक्रम इसमें रिकार्ड होगा। देखा तो पता चला हमले से ऐन पहले इसे बंद कर दिया गया था।
इससे साफ हो गया कि हमला योजनाबद्ध था। जेडी जैसे ही शत्रुघ्न दुबे के ऑफिस पहुंचे, उन्हें गालियां दी गई। वे शांत स्वभाव के हैं, जल्दी गुस्से नहीं होते। उन्होंने कहा कि जो कहना साफ -साफ कहो, झगड़ा क्यों करते हो? इस पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। वे कुछ समझ पाते, इससे पहले ही उन पर फायरिंग शुरू कर दी गई। वे लहुलुहान होकर गिर पड़े। हमलावरों ने उन्हें मृत समझा और भाग गए। इसके बाद जेडी इतनी गंभीर हालत में भी उठ खड़े हुए। वहां से गुजर रहे एक बाइक सवार से मदद मांगी और न्यू आगरा थाना पहुंचे।
दस साल से कर रहे कारोबार
जेडी पहले दवा कंपनी में काम करते थे। चेन्नई, बंगलुरु, हैद्राबाद कई जगह कर्मचारी रहे। इसके बाद दवा कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूटर हो गए। काम बढ़ा तो अपनी दवा कंपनी खोल ली। उनका करीब दस साल से दवा कारोबार है। इसी में पहले शत्रुघ्न दुबे उनका पार्टनर था।
गुड्डा गुरु की तलाश में दबिश
गुड्डा गुरु अछनेरा क्षेत्र के सकटपुर गांव का बताया गया है। पुलिस की एक टीम रात में ही उसके घर भेजी गई। उसका मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगा दिया गया। उसके बहनोई की भी तलाश की जा रही है।
लेन-देन के विवाद में हमला: एसपी सिटी
एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि हमले की पीछे प्रापर्टी और लेन-देन का विवाद सामने आया है। पुलिस अभी जांच कर रही है। आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
आपरेशन में देरी पर रोष
पुष्पांजलि हॉस्पिटल में जेडी के परिवारीजन और रिश्तेदार के अलावा सांसद चौधरी बाबूलाल के बेटे रामेश्वर भी पहुंचे। सभी चाहते थे कि आपरेशन जल्द से जल्द हो जाए लेकिन इसमें देरी होती देख उन्होंने रोष जाहिर किया।