प्रतापपुरा चौराहे के पास से पकड़े गए हरेंद्र राणा के साथी बंटी यादव को पुलिस ने बुधवार को सेंट्रल जेल भेज दिया। उसे हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया है, ताकि वह गुटबाजी न कर सके। उसके साथी साउथ रेलवे कॉलोनी मोंटी रॉबर्ट को जिला जेल भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के मामले में छह महीने पहले जेल से छूटने के बाद वह अपने गैंग को मजबूत करने में लगा था। नए शूटर्स की भर्ती कर रहा था।
बता दें, सीओ सदर असीम चौधरी ने मंगलवार सुबह कई हत्याकांडों में नामजद शातिर अपराधी सोहल्ला के बंटी यादव को उसके साथी मोंटी राबर्ट के साथ पकड़ा था। बंटी 26 अप्रैल को सदर में हुई पोहप सिंह की हत्या के मामले में फरार था। पुलिस ने उनके पास से दो तमंचे और कारतूस बरामद किए थे। बुधवार को बंटी को सीजेएम मुमताज अली की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 11 अगस्त तक के लिए जेल भेजा गया।
इंस्पेक्टर सदर ने बताया कि मोंटी अच्छा निशानेबाज है। बंटी उसे भी शूटर बनाने की तैयारी में था। वह छुटपुट घटनाएं करता था। उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। बंटी के पास से बरामद इलाहाबाद से चोरी की गई कार के मामले में भी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बंटी के वकील आशुतोष श्रोत्रिय ने कहा कि पोहप सिंह हत्या के मुकदमे में पुलिस ने बिना विवेचना किए ही बंटी को जेल भेजा है, जबकि वादी गीता देवी ने पुलिस अधिकारियों को भेजे शपथ पत्र में कहा है कि पति पोहप सिंह की हत्या की तहरीर उसने मुंहजबानी लिखाई। इसमें नहने, दीपक, रवि और हरिओम बघेल का नाम लिखाया था। लेखक ने बंटी का नाम वादिया को बिना बताए लिख दिया है। कोर्ट ने इस प्रार्थना पत्र पर कोई संज्ञान नहीं लिया।
हरिओम और संतोष भी समर्पण की फिराक में
पोहप सिंह हत्याकांड में नामजद हरिओम बघेल और संतोष यादव को पता चला कि पुलिस ने बंटी को गिरफ्तार कर लिया है तो उन्होंने मंगलवार को ही कोर्ट में समर्पण करने के लिए प्रार्थना पत्र दे दिए।
हरेंद्र राणा और वीनेश को कोर्ट में पेश किया
आगरा। कुख्यात शूटर हरेंद्र राणा और उसके साथी वीनेश को थाना ताजगंज के कार चोरी और जानलेवा हमले के दो मुकदमों में बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच स्पेशल सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। हरेंद्र राणा को जिला जेल से यहां लाया गया था। दीवानी में सीओ हरीपर्वत एके सिंह के साथ फोर्स तैनात की गई थी।बताते चलें कि हरेंद्र और वीनेश पूर्व में एपी एक्सप्रेस से पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गए थे। इसके बाद से ही उनकी पेशी पर पुलिस की खासी निगरानी रहती है।