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दरोगा की गिरफ्तारी के बाद सुनी युवती की फरियाद

Thu, 30 Jul 2015 02:08 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
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जगदीशपुरा की अवधपुरी चौकी इंचार्ज की गिरफ्तारी होने के बाद आखिरकार पीड़ित युवती की सुनवाई हो गई। युवती ने ही कॉलेज संचालक राजवीर सिंह समेत तीन पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। राजवीर से 70 हजार रुपये रिश्वत लेते चौकी इंचार्ज को विजिलेंस टीम ने पकड़ा था। इसके बाद राजवीर, मनोज चौहान और नवीन के खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी, धन हड़पने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमेें दो आरोपियों की पत्नियों को भी साक्ष्य छिपाने का आरोपी बनाया गया है।
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रुनकता क्षेत्र की युवती ने आरोप लगाया था कि उसके पिता के रिश्तेदार के साथ नवीन सोलंकी नाम का व्यक्ति घर आया था। उसने बताया कि वह जगदीशपुरा के एक कालेज में रहता है। उसमें कोर्स करने के बाद विदेश में उसे अच्छी नौकरी मिल जाएगी। वह 25 जुलाई, 2013 को कालेज में बिजनेस मैनेजमेंट डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन के लिए गई। मिढ़ाकुर निवासी राजवीर सिंह उर्फ राजीव ने खुद को कालेज का एमडी, जबकि वायु विहार निवासी मनोज चौहान ने प्रधानाचार्य बताया। 1.80 लाख में डिप्लोमा कराने की बात कही। पढ़ाई के नाम पर उसे एक डायरी दी। डिग्री मांगने पर टालमटोल की। विरोध पर उसे अश्लील फोटो दिखाकर ब्लैकमेल किया।

हास्टल में छिपाकर लगाए कैमरे
युवती का आरोप है कि हास्टल में छिपाकर लगे कैमरों से उसके अश्लील फोटो खींच लिए गए थे। नवीन, मनोज और राजवीर ने नशीले इंजेक्शन लगाकर और गोलियां खिलाकर उसे अपने घर पर ले जाकर रखा। एक साल तक उससे दुराचार किया। मनोज और राजवीर की पत्नियों से शिकायत करने पर उन्होंने  अपने पति साथ दिया। विरोध पर आरोपियों ने उसे वांटेड बताकर उसके पोस्टर जगह-जगह चस्पा करवाए। सेक्स रैकेट में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी। अपने परिचित के साथ दिल्ली भेज दिया था, जहां से सात अप्रैल को वह लौटी तो राजवीर नहीं मिला। उसे बताया गया कि राजवीर का मर्डर हो गया है। अगर, यहां आई तो हत्या के मुकदमे में फंसा दी जाएगी। मगर, राजवीर वाइस चेंजर एप की मदद से बात करता था। लगातार उसे धमकी दे रहा था।
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मुझे न्याय चाहिए...
युवती ने ठान ली थी कि वह मुकदमा दर्ज कराकर ही चुप बैठेगी। 25 जुलाई को शिकायत के बाद एसएसपी के निर्देश पर सीओ लोहामंडी ने एसएचओ को तीन दिन में कार्रवाई को कहा। जांच चौकी इंचार्ज सुधीर कुमार के पास आई तो भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।

आईपीएस अधिकारी का रिश्तेदार बताया
युवती की माने तो हास्टल संचालक खुद को आईपीएस अधिकारी का रिश्तेदार बताता था। इस कारण पुलिस भी उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही थी। वहीं राजवीर ने कॉलेज शास्त्रीपुरम में खोल लिया है। इसकी सूचना पुलिस को युवती ने दी।
रिश्वत लेते गिरफ्तार दरोगा को भेजा जेल
आगरा। थाना जगदीशपुरा की अवधपुरी चौकी प्रभारी दरोगा सुधीर कुमार को मंगलवार रात 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था। बुधवार सुबह तकरीबन आठ बजे विजिलेंस की टीम दरोगा को मेरठ की कोर्ट में पेश करने ले गई। शाम तकरीबन चार बजे उसकी कोर्ट में पेशी हुई। कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है।
बता दें, रुनकता क्षेत्र की युवती ने कालेज संचालक के खिलाफ शिकायत की थी। मामले की जांच दरोगा सुधीर कुमार को मिली थी। उसने कार्रवाई के बजाय आरोपी से पहले तीन लाख मांगे गए, बाद में 70 हजार रिश्वत तय कर ली। दरोगा ने रिश्वत के लिए जोर दिया तो आरोपी ने 22 जुलाई को विजिलेंस से शिकायत की। विजीलेंस सीओ बलधारी सिंह ने टीम के साथ जाल बिछाकर मंगलवार रात तकरीबन 9:30 बजे दरोगा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इसके बावजूद दरोगा खुद को बेकसूर बता रहा था। रुपयों के पैकेट पर केमिकल लगा था। उसके हाथ धुलवाए गए तो उसका झूठ खुद ब खुद सामने आ गया। दरोगा को गिरफ्तार करके थाना जगदीशपुरा लाया गया। सीओ ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
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