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यमुना के घाटों पर धड़ल्ले से हो रहा बालू का खनन

Tue, 11 Apr 2017 01:09 AM IST
यमुना के घाटों पर धड़ल्ले से हो रहा बालू का खनन
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यमुना - फोटो : यमुनानगर
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यमुना के घाटों पर बालू का धड़ल्ले से खनन हो रहा है। योगी सरकार की नसीहत और लगातार हो रही हमले की घटनाओं के बाद भी हालात नहीं बदले हैं। हालांकि एसडीएम ने सभी थानेदारों की जिम्मेदारी तय करते हुए सर्कुलर जारी कर दिया है।
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यमुना नदी के घाटों पर सरकार बदलने के बाद भी बालू के अवैध खनन पर रोक नहीं लग सकी है। पिढ़ौरा के कांकर और बलाई घाट, बाह के बटेश्वर, कोट, विक्रमपुर, जैतपुर के कमतरी, चित्राहाट के नौगवां, पारना घाट पर ट्रैक्टर ट्रालियों से बालू का खनन होते खुलेआम देखा जा सकता है। विक्रमपुर घाट से रविवार को खनन की बालू लेकर जा रहे ट्रैक्टर ट्राली को रोकने पर रेंजर केएन सुधीर और उनकी टीम पर ट्रैक्टर चढ़ाकर जान लेने की कोशिश की गई थी। सोमवार को कोट और विक्रमपुर घाट का जायजा लिया गया तो अवैध खनन के निशान बालू के ऊपर से होकर गुजरते ट्रैक्टर ट्रालियों के रास्ते बने मिले। विक्रमपुर घाट पर एक साथ तीन ट्रैक्टर ट्रालियों में बालू भरी जा रही थी। कोट में भी ठीक ऐसा ही नजारा देखने को मिला। लेकिन यहां अवैध खनन को न तो कोई रोकने वाला था और न ही उनको कोई टोकने वाला। वन विभाग की टीम और पुलिस भी नजर नहीं आई। उधर, बसई अरेला क्षेत्र में उटंगन नदी से भी बालू का अवैध खनन होते मिला। हालांकि रेंजर पर हमले के बाद एसडीएम रजनीश मिश्रा ने बाह, पिनाहट, जैतपुर के रेंज आफीसर, बाह, जैतपुर के सीओ और बाह, पिनाहट सर्किल के सभी नौ थानों के प्रभारियों को सर्कुलर जारी कर कहा है कि जिस इलाके में अवैध खनन होता मिला। उन इलाकों के थानेदार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकेंगे।
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कटघरे में वन विभाग: सीओ तक नहीं पहुंची पुलिसकर्मी की भूमिका की जांच के लिए चिट्ठी
बाह। रविवार को विक्रमपुर घाट से बालू का अवैध खनन कर ला रहे ट्रैक्टर ट्राली को रोकने पर चालक ने वन विभाग की टीम पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की थी। बाद में पकड़े गए ट्रैक्टर चालक बाह थाने में तैनात होमगार्ड भदईलाल के पुत्र गिर्राज के कब्जे से मिले मोबाइल फोन के नंबर की जांच के लिए 30 घंटे बाद भी सीओ तक वन विभाग की चिट्ठी नहीं पहुंची। जबकि रेंजर केएन सुधीर ने सीओ को चिट्ठी भेजने की बात कही थी। सीओ सतीश शर्मा ने बताया कि इस मामले में फोन पर वन कर्मियों से बात हुई है। उन्हें अभी तक कोई पत्र नहीं मिला है। चिट्ठी मिलते ही जांच की जाएगी। रेंजर केएन सुधीर ने बताया कि आगरा में होने के कारण चिट्ठी नहीं पहुंच पाई है। सोमवार देरशाम तक पत्र पहुंच जायेगा। मोबाइल में दो फोन कॉल लालेन्द्र पुलिस के नाम से रिसीव थीं। गिर्राज को मुचलके पर छोड़ दिया गया था।
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