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किला नदी पाटकर कालोनियां बसा रहे हैं

Tue, 11 Apr 2017 01:08 AM IST
बरेली।  
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Kila river Patkar colonies are settling - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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योगी सरकार में भी नदियों पर अवैध कब्जे थमने का नाम नहीं ले रहे। नकटिया नदी के अलावा किला (देवरनियां) नदी का अस्तित्वखतरे में है। नर्सरी रोड से लेकर कर्मचारी नगर चौराहा और उससे आगे न केवल नदी के किनारे बल्कि नदी की धार के बीचोबीच दीवार उठा दी गई है। नदी के किनारे वाली जमीन पर सपा नेता के भाई धड़ाधड़ प्लाटिंग कर उनकी बिक्री करने में लगे हैं। नर्सरी रोड पर बिल्डर कम भूमाफिया ने अपनी कालोनी बसाने के लिए नियम विरुद्ध प्राइवेट पुलिया तक बनवा दी है। नियमानुसार पुल या पुलिया बनाने का अधिकार सरकार से अधिकृत कार्यदायी संस्थाओं (पीडब्ल्यूडी, सेतु निगम, नगर निगम) आदि को ही है। 
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  जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह भी उप जिलाधिकारी और तहसीलदारों को  पुलिस की मदद से नदी, नहर या सार्वजनिक सरकारी जमीनों पर अनाधिकृत कब्जे तुरंत हटवाने के निर्देश दे चुके हैं। इसके बाद भी नदी की जमीन पर अवैध निर्माण काम लगातार जारी है। कर्मचारी नगर में खुसरो अस्पताल के पीछे सपा नेता के भाई समेत कई बिल्डरों ने नदी के किनारे की जमीन पर कब्जा कर  रखा है। अब यहां नदी की धार के बीचो बीच दीवार उठाकर उसके दो हिस्से कर दिए गए हैं। नदी पूरी तरह नाले में तब्दील होकर रह गई है। इससे पहले भी नदी पर कब्जे होकर मकान बन चुके हैं। कर्मचारी नगर से मिनी बाईपास चौराहा तक नदी की धार में मकान बने हैं। कोने पर सपा नेता के होटल की दीवार नदी की धार में बनी है। आनंद विहार और सैदपुर हाकिंस में सपा समर्थक बड़े बिल्डर के भाई ने नदी की जमीन कब्जाकर उस पर प्लाटिंग कर दी। 

उपजिलाधिकारी और तहसीलदार को हर तरह के अनाधिकृत कब्जे हटाने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही ऐसे कब्जे हटाने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया जाएगा।  सुरेंद्र सिंह, जिलाधिकारी 
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