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लाश से दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी रेंडा को जमानत

Sat, 30 Jan 2016 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो , आगरा
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फतेहपुर सीकरी के लाल दरवाजा में एक जनवरी की रात को कब्र खोदकर महिला की लाश से दुराचार का प्रयास करने के आरोपी राजेंद्र उर्फ रेंडा को कोर्ट से जमानत मिल गई। बता दें, एक जनवरी को लाश के साथ दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया था। लाश के पास एक पैंट पड़ी मिली थी। वहीं शराब के पाउच और बीड़ी मिली थी। इसी आधार पर पुलिस ने तीन जनवरी को आरोपी राजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। एसीजेएम प्रथम चंद्रमणि मिश्र ने जमानत स्वीकार कर रिहा करने के आदेश किए हैं। कोर्ट ने आदेश किया है कि अगर आरोपी के फतेहपुर सीकरी जाने पर लोगों में पुन: आक्रोश पनपता है तो रेंडा रिश्तेदारों या फिर कसबा से बाहर भी रह सकता है। हालांकि उसे छह महीने तक थाने पर प्रत्येक 15 दिन में हाजिरी लगानी होगी।
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गैर इरादतन हत्या मेें पांच साल की सजा
आगरा। अपर जिला जज वीरेंद्र कुमार ने थाना मलपुरा के गैर इरादतन हत्या के मामले में आरोपी गांव सहारा निवासी गोपाल को दोषी पाते हुए पांच साल की सजा सुनाई है।
गांव सहारा निवासी सत्यवीर के मामा भगवान सिंह अपने मंदिर पर रहते थे। अभियुक्त ने पत्नी से अवैध संबंधों के शक में चार सितंबर 2009 को श्रीगोपाल ने भगवान सिंह और पत्नी को बुरी तरह से पीटा था। उन्हें इलाज के लिए एसएन इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जहां डाक्टरों ने भगवान सिंह को मृत घोेषित कर दिया।
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इंश्योरेंस कंपनी के मैनेजर और एजेंट पर रिपोर्ट के आदेश
आगरा। सीजेएम बृह्मतेज चतुर्वेदी ने थाना हरीपर्वत के धोखाधड़ी और कूटरचित योजना के मामले में बजाज एलियांज इंश्योरेंस कंपनी के मैनेजर अंशुल अग्रवाल, एजेंट दीपक लवानिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के आदेश किए हैं।
थाना सैंया के गांव बिरहरु निवासी ममता ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर कहा कि उसके पति हेत सिंह के ट्रक का बीमा पूर्व में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी सेे कराया गया था। अवधि बीतने के बाद बजाज एलियांज इंश्योरेंस कंपनी से बीमा कराया। एजेंट दीपक लवानियां को 36500 रुपये देकर 24 अगस्त 2015 को बीमा निर्गत कर दिया, जिसकी अवधि 29 अगस्त 2016 तक थी। 30 सितंबर 2015 को उसके पति की दुर्घटना में मृत्यु हो गई। क्लेम के लिए कंपनी को सूचना दी, लेकिन आरोपीगण ने उक्त पालिसी नंबर पर ही एक और अन्य पालिसी 30 सितंबर 2015 को जारी दिखाते हुए क्लेम देने से मना कर दिया। कहा कि पालिसी की वैधता एक अक्टूबर 2015 से सितंबर 2016 तक है।
अधिवक्ता के हमलावर की जमानत अर्जी खारिज
आगरा। उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति के प्रवक्ता मनीष सिंह पर जानलेवा हमला करने के आरोपी की जमानत अर्जी जिला जज राजीव लोचन मेहरोत्रा ने खारिज कर दी। अधिवक्ता मनीष सिंह पर 18 अगस्त 2015 को हमला हुआ था। इस मामले में थाना सदर में मुकदमा दर्ज कराया गया। इसमें दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा था। गुरुवार को एक आरोपी की जिला जज ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट ने आदेश में कहा कि अधिवक्ता मनीष सिंह मुकदमों में पैरवी कर रहे हैं। मुकदमों में पैरवी नहीं कर सकें इसलिए हमला किया गया। यह प्रत्यक्ष रूप से न्यायिक व्यवस्था पर हमला माना जा सकता है, जो की गंभीर अपराध है।
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