तेंदुआ को देख किसान पेड़ पर चढ़ा
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दो दिन से बाह के जरार कस्बे में तेंदुआ का हल्ला है। गुरुवार की शाम खेत पर जा रहे किसान शराफत खान ने तेंदुआ को देखकर पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई। वहीं, दूसरे किसान को तेंदुआ देख दहशत के मारे दो दिन से बुखार आ रहा है। क्षेत्र के अधिकांश किसानों ने दहशत के चलते खेतों पर फसलों की रखवाली के लिए जाना ही बंद कर दिया है। उधर, वन विभाग ने इलाके में तेंदुआ की मौजूदगी को स्वीकार नहीं किया है। विभाग लकड़बग्घे का मूवमेंट मान रहा है।
कस्बा जरार में राजकीय नलकूप और देवी माता मंदिर वाले इलाके में दो दिन से वन्य जीव को देखकर किसान डरे सहमे हैं। बुधवार को किसान अंसू खेत में घास लेने गए थे। वहां वन्यजीव को देखकर वह अपनी घास पोटली छोड़कर भाग आए थे। तब से उन्हें बुखार आ रहा है। गुरुवार की शाम को शराफत खान वन्य जीव को सामने देख जान बचाने के लिए बबूल के पेड़ पर चढ़ गए और शोर मचाया। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे किसानों को देख वन्यजीव भाग गया। लोगों ने दहशत के चलते खेतों पर फसलों की रखवाली के लिए जाना बंद कर दिया है। गुरुवार की रात्रि किसानों ने वन्य जीव की घेराबंदी भी की लेकिन उसे घेर नहीं पाये। किसानों का कहना है कि वन्य जीव के साथ दो शावक भी हैं। किसानों ने वन्य जीव को पकड़वाने की गुहार वन विभाग से लगाई है। रेन्जर बाह सर्वेश भदौरिया ने बताया कि अब तक इलाके में कहीं भी तेंदुआ का मूवमेंट नहीं मिला है। किसानों को दिखा जानवर लकड़बग्घा हो सकता है। वन विभाग की टीम मौके पर जाकर इसका पता करेगी।