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थाने के सामने से फायरिंग करते भागे

Mon, 23 Nov 2015 02:12 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
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चांदी किंग धनकुमार जैन उर्फ धन्नू को गोली मारकर भागते बदमाश पकड़े जा सकते थे, लेकिन इसके लिए जरूरी था पुलिस का साहस दिखाना। बदमाश थाना एमएम गेट के ठीक सामने से भागे। वह भी फायरिंग करते हुए। गोलियों की आवाज भी सुनी, लेकिन कोई पुलिसकर्मी तुरंत बाहर नहीं आया। बदमाश आराम से भागते रहे। पुलिस ने बाद में भी पीछा करना जरूरी नहीं समझा। काफी देर बाद जब आला अफसर आ गए, तब चेकिंग की रस्म अदा की गई।
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चश्मदीदों ने बताया कि बदमाशों ने जैसे ही धन्नू को गोली मारी, आसपास के लोग उधर की ओर दौड़े। इसके बाद गोलियां चलने की आवाज आती रही।
एक गोली धन्नू के सुरक्षा गार्ड पर भी चलाई गई। इसके बाद उनके निजी गार्ड ने फायरिंग की। उस वक्त तक दुकानें बंद हो चुकी थीं, लेकिन सड़क पर चहलपहल थी। लोग शादियों में जा रहे थे। गोलियां चलते ही भगदड़ मच गई। बदमाश गुड़ की मंडी की ओर भागे। यहां से थाना एमएम गेट की तरफ। थाने पर पुलिस चौकस नहीं थी। बदमाश शायद समझ रहे थे कि पुलिस ने पीछा किया तो पकड़े जाएंगे। शायद इसीलिए उन्होंने थाने के पास फायर किए। गुड़ की मंडी में चार फायर किए। फिर भागते चले गए।
‘हट जा साले, मार दूंगा’
लोगों ने बताया कि बदमाश गोली चलाते हुए भाग रहे थे। जो भी सामने पड़ा, उसे गाली दी और जान से मारने की धमकी भी। गुड़ की मंडी में एक युवक से बोले, ‘हट जा साले, गोली मार दूंगा।’
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मंकी कैप पहने था एक बदमाश
चश्मदीदों ने बताया कि दो बाइकों पर दो-दो बदमाश थे। पीछे बैठे बदमाशों ने पिस्टल ले रखी थी। एक के हाथ में सलेटी रंग की पिस्टल थी।एक बाइक पर पीछे बैठा बदमाश मंकी कैप लगाए थे। आगे चल रहे बदमाशों की बाइक नई थी।
सीसीटीवी में कैद हो सकते हैं चेहरे
मौका ए वारदात के पास दो जगह सीसीटीवी कैमरे लगे थे। पुलिस ने इनकी डीवीआर कब्जे में ले ली है। माना जा रहा है कि इनमें बदमाशों के चेहरे कैद मिल सकते हैं। इसे सोमवार को देखा जाएगा।
बिल्लू वर्मा गैंग पर पुलिस का शक
सराफ धन्नू जैन को गोली मारे जाने की घटना में बदमाशों का कोई पता नहीं चल पाया है। लेकिन पुलिस को शक  शहर के एक बिल्लू वर्मा के गिरोह पर है। बिल्लू वह बदमाश है जिसने 2013 में एक के बाद एक सराफा कारोबारियों को निशाना बनाया था।  इसके बाद ही धन्नू को पुलिस सुरक्षा मिली थी। उनके साथ हुई इस घटना का पता चलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। एसएसपी डाक्टर प्रीतिंदर सिंह और एसपी सिटी आरके सिंह समेत पुलिस के तमाम आला अफसर पहले मौका ए वारदात और फिर हॉस्पिटल पहुंचे। क्राइम ब्रांच को तुरंत बदमाशों की तलाश में लगाया गया। पुलिस को शक बिल्लू वर्मा गैंग के जेल से बाहर चल रहे बदमाशों पर है। जनवरी 2013 में जब सराफ निशाना बन रहे थे, तब धन्नू जैन की फर्म के कर्मचारी रवि कुमार को गोली मारकर लूटपाट की गई थी। हालांकि उनके परिवार ने किसी भी गिरोह या बदमाश पर शक जाहिर नहीं किया है। उनका कहना है कि उनकी किसी से रंजिश भी नहीं है।
फिर संडे, फिर निशाना सराफ
सराफा कारोबारियों के साथ हो लूट-हमले में एक बार फिर ‘संडे कनेक्शन’ सामने आया है। इससे पहले चार में से तीन बड़ी घटनाएं रविवार को ही हुई थीं। सभी घटनाएं तब अंजाम दी गई, जब कारोबारी दुकान से घर लौट रहे थे।
21 जून (दिन रविवार) को विजय नगर कॉलोनी में पिस्टलों से लैस पांच नकाबपोश बदमाशों ने दुस्साहसिक तरीके से दो सराफा कारोबारी भाइयों रिंकू बंसल और रॉबिन से छह किलो सोने (लगभग 1.62 करोड़ ) के जेवरात से भरे दो बैग लूट लिए थे।
18 अक्टूबर (दिन रविवार) को संगीता रोड पर लक्ष्मी नारायण गोविंद प्रसाद अग्रवाल ज्वेलर्स के कर्मचारी नरेंद्र उर्फ रिंकू (36) को गोली मारकर दो बदमाशों ने 45 लाख के जेवरात और सात लाख रुपये नगद लूट लिए। 
इससे पहले नौ जुलाई को आवास विकास कालोनी के सेक्टर पांच में प्रांशु ज्वेलर्स के मालिक संदीप सोनी से 25 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात की लूट हुई। इस वारदात में पुलिस ने विक्की बॉक्सर सहित उसके गैंग के तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया था।
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