कैप्टन अनेक सिंह सिकरवार की हत्या के खुलासे से उनका परिवार पूरी तरह से संतुष्ट है। इन लोगों का कहना है कि पुलिस ने आरोपी सही पकड़े हैं। पुख्ता साक्ष्य भी पेश किए हैं। उनके बड़े बेटे ब्रजेश सिकरवार ने बताया कि रजनी और दिलीप ने पेट्रोल पंप पर ज्यादा दिन काम नहीं किया। उनका काम करने का तरीका सही नहीं था, इसलिए उन्हें पापा ने डांटकर निकाला था।
उन्होंने बताया कि पापा कड़े अनुशासन में रहते थे और कर्मचारियों से भी यही उम्मीद करते थे। जो खरा नहीं उतरता था, उसे डांट देते थे। लेकिन बाद में उसे मना भी लेते थे। यही वजह थी कि दोनों पेट्रोल पंप के 60 कर्मचारी उन्हें पसंद करते थे। कई ऐसे हैं, जो नौकरी छोड़कर जाने के बाद वापस आए।
रजनी और उसके पति दिलीप ने कुछ ही दिन काम किया। उनका काम ठीक नहीं था। इसलिए उन्हें डांटकर निकाला था। उनसे कहा था कि ‘यू आर नोट फिट फोर दिस जॉब’। शायद इसीलिए दोनों ने दिल में खुन्नस पाल रखी थी। साथ में कैश लूटने का लालच भी था। इसलिए यह वारदात कर डाली। उनसे लूटी गई रकम, मोबाइल और खून से सने कपडे़ बरामद किए गए हैं।