भोपाल में जेल से फरार हुए आतंकियों के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद अलर्ट
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मध्य प्रदेश के भोपाल में सेंट्रल जेल से फरार प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट आफ इंडिया (सिमी) के आतंकियों के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद खुफिया एजेंसियों ने पूरे देश में अलर्ट जारी किया है। खास तौर से सिमी के पूर्व में सक्रिय रहे सदस्यों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। आगरा जोन में भी चौकसी बढ़ा दी गई है। ऐसा इसलिए भी जरूरी है कि यहां सिमी का बड़ा नेटवर्क रहा है।
पुलिस के खुफिया सूत्रों का कहना है कि आगरा में पहले से भी अलर्ट है। बता दें, पूर्व में ऐसी जानकारी मिली थी कि सिमी के सदस्य आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के लिए काम करने लगे हैं। इसके अतिरिक्त कई आतंकी संगठनों के लिए आर्थिक मदद मुहैया करा रहे हैं। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भी सिमी के सदस्यों का इस्तेमाल करती रही है। सिमी के सदस्यों की गतिविधियों के लिए आगरा जोन में अलीगढ़ को सर्वाधिक संवेदनशील बताया गया है। 1977 में सिमी की स्थापना अलीगढ़ में ही हुई थी। बाद में मथुरा में सदस्य सक्रिय रहे। आगरा, एटा और मैनपुरी भी संवेदनशील रहे हैं। खुफिया सूत्रों ने बताया कि सन 2008 में इंदौर में सिमी के 13 सदस्यों के पकड़े जाने के बाद यूपी के आगरा, झांसी से भी खुफिया विभाग की टीम पूछताछ के लिए वहां गई थी। उनका आगरा से लिंक जुड़ा होने की आशंका थी। इस पर टीम ने पूछताछ की थी। हालांकि कोई लिंक नहीं निकल सका था।
एजाज ने की थी रेकी
आगरा में आईएसआई का एजेंट रेकी करके जा चुका है। मेरठ में पकडे़ गए एजाज ने ताजमहल की रेकी की थी। वह एक होटल में ठहरा भी था। उसने एयरबेस की भी रेकी की थी। यमुना एक्सप्रेस वे पर फाइटर प्लेन मेराज की लैंडिंग का विडियो भी बनाया था।
जलों में बढ़ाई सतर्कता
जेल से आतंकियों के फरार होने की घटना के बाद केंद्रीय और जिला कारागार में सतर्कता बढ़ाई गई है। खासतौर पर केंद्रीय कारागार प्रशासन को अलर्ट किया गया है। सूत्रों ने बताया कि यहां पर कोई आतंकी तो नहीं है मगर, कई बड़े अपराधी बंद हैं। यही वजह है कि कर्मचारियों को कैदियों की हरकतों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। बंदीरक्षकों को भी अलर्ट कर दिया गया है। एक जेल अधिकारी ने बताया कि जेल में पहले से अलर्ट है। फिर भी सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की गई है।
केंद्रीय कारागार से भाग चुका है कैदी
नवंबर 2013 में केंद्रीय कारागार में हत्या और अपहरण के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा कैदी जितेेंद्र उर्फ चीकू पुत्र सत्यवीर फरार हो गया था। सूत्रों ने बताया कि वह पुलिस की वर्दी पहनकर बाहर निकला था। हालांकि जेल की दीवार पर एक रस्सी लटकी मिली थी। कर्मचारी उससे ही कैदी के भागने की बात कर रह थे। चीकू अब तक पुलिस के हाथ नहीं आ सका है।