चांदी चोरी के आरोपियों की जानकारी देते एसपी सिटी
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आगरा थाना कोतवाली क्षेत्र के एक कारखाने से 10 लाख की चांदी चोरी का 24 घंटे में पुलिस ने खुलासा कर दिया। कारखाना संचालक के पूर्व कारीगर ही चोर निकले। कारीगरों ने कर्ज चुकाने के लिए चांदी चोरी की। मगर, पुलिस से नहीं बच सके। सोमवार को पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जगदीशपुरा के नगला गूलर निवासी विजय कुशवाहा का कोतवाली क्षेत्र में चांदी का कारखाना है। रविवार को उन्होंने कोतवाली थाना पुलिस को बताया कि शनिवार दोपहर को जब कारखाने आए तो अलमारी में रखा 19 किलोग्राम चांदी का पटा नहीं मिला। इस पर तलाश की, लेकिन नहीं मिला। बाद में चोरी की आशंका हुई। इस पर शिकायत की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
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एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि चोरों की तलाश के लिए टीम को लगाया गया। जांच में पता चला कि विजय के कारखाने में पूर्व में दो कारीगर काम करते थे। वह नौकरी छोड़कर चले गए हैं। इनमें जगदीशपुरा के प्रेम नगर निवासी हरदेव कुशवाहा और हरीपर्वत क्षेत्र के गांधी नगर निवासी सोनू कुशवाहा थे। दोनों विजय के भाई के कारखाने में काम कर रहे थे। भाई का कारखाना दूसरी मंजिल पर ही था। सोमवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कारीगर बिजलीघर बस स्टैंड के पास हैं। दोनों कहीं भागने की फिराक में हैं। पुलिस ने घेराबंदी करके दोनों को पकड़ लिया। उनसे 19 किलोग्राम चांदी का पटा भी बरामद हो गया।
कर्ज चुकाने के लिए बनाया 10 लाख की चांदी चोरी का प्लान
एसपी सिटी ने बताया कि चांदी की कीमत तकरीबन 10 लाख रुपये थी। पूछताछ में कारीगरों ने बताया कि उन पर कर्ज हो गया था। काफी प्रयास के बाद भी कर्ज नहीं चुक पा रहा था। इसलिए चांदी चोरी की योजना बनाई।
विजय के कारखाने में चांदी रखे होने की जानकारी दोनों कारीगरों को पहले से थी। शनिवार को दोनों ने चांदी का पटा चोरी कर लिया। कारखाने के आसपास सीसीटीवी फुटेज में वह नजर आए थे।
चांदी को किले के पास झाड़ियों में एक गड्ढा खोदकर छिपा दिया था। बाद में उसे निकालकर भागने वाले थे। मगर, पकड़े गए। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार, दरोगा दिनेश कुमार और जितेंद्र सिंह आदि थे।