चंबल के बीहड़ में सक्रिय हेलो गैंग के दो गुटों के बीच सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के बारे में टिप्पणी और फोटो वायरल होने के बाद पुलिस ने एक साल से फरार चल रहे सरगना को पकड़ लिया। उसके खिलाफ थाना सदर में मुकदमा दर्ज था। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। सोशल मीडिया में चेहरा बेनकाब होने के बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ा है।
चंबल के बीहड़ में सक्रिय साइबर अपराधियों के गैंग के दो गुटों के बीच सोशल मीडिया पर लड़ाई छिड़ी थी। वह कुछ लोगों के फोटो डाल रहे थे। इन्हें हेलो गैंग का सदस्य बताया गया था। इनमें पुलिस से सांठगांठ के कारण गिरफ्तारी न होने की बात लिखी गई थी।
इसमें कहा गया था कि कौन किराए पर बैंक खाते उपलब्ध कराता है? और कौन कॉल करता है? कौन गिरोह को जानकारी देता है? इनमें पिनाहट के गांव पड़ुआपुरा निवासी रामबृज परिहार का भी नाम शामिल था। वह वर्ष 2019 से फरार चल रहा था। एसएसपी बबलू कुमार ने आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
मंगलवार को रामबृज परिहार को टीडीआई मॉल के पास से गिरफ्तार किया गया। सीओ सदर महेश कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ थाना सदर में मुकदमा दर्ज हुआ था। उसका गैंग पकड़ा गया था। गैंग बेरोजगार लोगों से नौकरी के नाम पर ठगी करता था। इस मामले की विवेचना थाना ताजगंज में की जा रही है।
एक साल से क्यों नहीं हुई गिरफ्तारी?
दो महीने पहले पिनाहट में एक बवाल हुआ था। इसमें दो गुट थे। दोनों गुट के लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया। इनमें रामबृज का भी नाम था। आरोपियों पर अलग-अलग नेता का हाथ था। इस बवाल के बाद ही सोशल मीडिया पर फोटो वायरल किए गए। चर्चा है कि एक साल से रामबृज अपने गांव में ही था। इसके बावजूद गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े करती है?