ओडिशा से तस्करी कर शहर में लाए गए एक करोड़ की कीमत के गांजे के साथ गुरुवार रात को दो लोगों को पकड़ लिया गया। एक आरोपी ग्राम प्रधान का पति है, जबकि दूसरा प्रापर्टी डीलर है। दोनों राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गांजे की सप्लाई करते थे।
एसटीएफ और जगदीशपुरा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 973 किलोग्राम गांजा, एक मेटाडोर, एक एस्कॉडा रैपिड गाड़ी सहित दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है।
एसटीएफ के सीओ श्यामकांत ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त विशाल अग्रवाल पुत्र स्व. शंकर अग्रवाल निवासी द्वारिकापुरी, शास्त्रीपुरम और होशियार सिंह पुत्र शिवचरन सिंह निवासी अवेरनी, थाना बलदेव, मथुरा हैं। होशियार सिंह हाल में दहतोरा रोड स्थित शांति रेजीडेंसी में रहता है।
वह अवेरनी गांव, थाना बलदेव की प्रधान कुंती देवी का पति है। उस पर छह मुकदमे दर्ज हैं। वह जुए में जेल भी जा चुका है। विशाल अग्रवाल प्रापर्टी का भी काम करता है। पुलिस और एसटीएफ की टीम ने गुरुवार रात को मघटई के पास से मेटाडोर और स्कॉडा गाड़ी को मुखबिर की सूचना पर रोका।
मेटाडोर का चालक ओमवीर सिंह निवासी अवेरनी, मथुरा भाग गया। मेटाडोर में साड़ियों और कपड़ों की गठरी के नीचे बोरों में 973 किलोग्राम गांजा के पैकेट बनाकर रखे गए थे। पुलिस ने चेकिंग की तो पैकेट बरामद हो गए। गांजे की बाजार में कीमत तकरीबन एक करोड़ रुपये है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।