आगरा के डौकी में हुए नाथूराम हत्याकांड में पुलिस हिरासत में सौंपे गये समर सिंह से जब हत्या के बाबत पुछा गया तो उसने एक अलग कहानी बताई। बकौल समर सिंह, नाथूराम की हत्या एक महिला द्वारा भेजे शूटरों ने की है। समर सिंह ने बताया कि हत्या वाले दिन 5 जून को समर सिंह तथा नाथूराम कार से आगरा जा रहे थे। रास्ते में नाथूराम के पास किसी महिला का कॉल आया।
बाद में आगरा से लौटकर 4 बजे समर सिंह ने नाथूराम को उसके घर पर ड्रोप कर दिया। इसी बीच नाथूराम के पास उसी महिला का दोबारा कॉल आया। तथा मेहरा नाहरगंज में यमुना के किनारे मिलने के लिए बुलाया। नाथूराम ने साढे़ चार बजे समर सिंह को कॉल कर महिला वाली बात बताई तथा यमुना किनारे चलने को कहा।
समर सिंह नाथूराम को लेकर मेहरा नाहर गंज में यमुना के किनारे पहुंचा। परन्तु वहां पर कोई महिला नहीं मिली। तीन लोग पास के ही एक खेत में बैठे हुए थे। समर सिंह के अनुसार नाथूराम ने महिला को कॉल लगाकर उसे खरीखोटी सुनाई। इसी बीच तीनों लोग नाथूराम के पास पहुंच गये तथा फायर कर दिया जिससे गोली नाथूराम के पैर में लग गयी।
नाथूराम को गोली लगते देख समर सिंह जान बचाकर अपनी कार लेकर भागा। नाथूराम ने प्रधान बचाओ कहकर गाडी के पास आया। तब तक बदमाश उसके पास आ चुके थे तथा नाथूराम को गोली मार दी। समर सिंह वहां से भाग कर नगला बिंदू तक पहुंचा तथा पुलिस तथा अपने भाई सुधीर को कॉल किया।
सुधीर भी तत्काल घटना स्थल पर पहुंच गया तथा दोंनों ही ग्रामीणों के हत्थे चढ गये। समर सिंह ने अपने को पूर्णत: निर्दोश बताया है। अब पुलिस पूछताछ के बाद ही कहानी की सच्चाई का पता चल सकेगा। जिस महिला की जानकारी आ रही है वह फिरोजाबाद क्षेत्र की एक नेत्री की देवरानी बताई जाती है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।