फतेहाबाद रोड पर मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे पुडुचेरी के पर्यटक एम शिवा कुमार से सरेआम पर्स लूट लिया गया। वह एक होटल में डिनर के लिए परिवार सहित पैदल जा रहे थे। तभी बाइकर्स गैंग के बदमाश आए और उनसे पर्स लूटकर फरार हो गए। दूर दूर तक कोई सिपाही तक नहीं था। सूचना के आधा घंटा तक पुलिस पहुंची भी नहीं। यह हाल तब रहा जबकि मंगलवार को विश्व पर्यटन दिवस था। सुबह से शाम तक पर्यटकों के स्वागत सत्कार में कहीं फूलों की बारिश की गई तो कहीं उन्हें चंदन तिलक लगाए गए लेकिन सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया। वारदात से एम शिवा कुमार का परिवार दहशत में है।
एम शिवा कुमार ने कहा कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि ताज का दीदार करने से पहले उन्हें लुटेरों का सामना करना होगा। न ही ऐसी कल्पना की थी कि ताज के शहर में सुरक्षा का यह हाल होगा।
वह मंगलवार शाम को पत्नी और बेटी के साथ आगरा आए थे। फतेहाबाद रोड स्थित होटल ग्रांड काफा में रुके हैं। रात तकरीबन 9:30 बजे भोजन करने के लिए एक होटल पैदल जा रहे थे। तभी पीछे से बाइक सवार दो बदमाश आए।
बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने एम शिव कुमार के हाथ में लगा पर्स लूट लिया। पर्यटक ने शोर मचाया। बदमाश तेजी से बाइक ले जाकर फूल सैयद चौराहे की तरफ भाग गए। कुछ लोगों ने पीछा भी किया। मगर, वह शहीद नगर होते हुए निकल गए। घटना की जानकारी के काफी देर बाद पर्यटन और ताजगंज थाना की पुलिस पहुंच गई। एसओ पर्यटन थाना ने बताया कि पर्यटक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
- हमें बहुत निराशा हुई
आगरा। एम शिवा कुमार से लूटे गए पर्स में एक कैमरा, मोबाइल, सात हजार रुपये, एटीएम कार्ड सहित अन्य सामान रखा हुआ था। इससे उन्हें परेशानी का भी सामना करना पड़ा। बुधवार को उन्हें ताजमहल देखने भी जाना था। उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा कि उन्हें यहां की सुरक्षा का हाल देखकर बहुत निराशा हुई।
ताजमहल पर पर्यटक की मौत
आगरा। विश्व पर्यटन दिवस पर ताजमहल का दीदार करने आए अगरतला, त्रिपुरा के प्रमोद देवनाथ की मौत हो गई। ताजमहल के मुख्य गुंबद के शीशमहल से बाहर निकलते समय वह गिर पडे़। समूह में आए प्रमोद देवनाथ को उनके परिजनों ने सीआईएसएफ और एएसआई कर्मचारियों की मदद से शांति मांगलिक हास्पिटल पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
मंगलवार अपराह्न त्रिपुरा से 50 सदस्यीय दल ताजमहल पहुंचा। इसमें 70 वर्षीय प्रमोद देवनाथ भी शामिल थे और धूप से परेशान थे। मुख्य गुंबद में कब्र देखने के बाद वह शीशमहल में जैसे ही पहुंचे, गश खाकर गिर पड़े। परिवार के सदस्यों ने एएसआई से मदद मांगी। लेबर गेट खुलवाकर उन्हें सीआईएसएफ की मदद से तुरंत एंबुलेंस से शांति मांगलिक हास्पिटल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। वह अस्थमा के मरीज थे।