बताते चलें,
गांव सकतपुर निवासी ओमप्रकाश की पुत्री अनीता (17) 17 मार्च 2014 को घर से
लापता हो गई थी। 18 को गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। 21 मार्च को अनीता का शव
निर्वस्त्र हालत में घर के पिछवाड़े खेत में पड़ा मिला था । ओमप्रकाश ने
गांव के वीरेंद्र पुत्र रमेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने रेप की
पुष्टि के लिए स्लाइड को फोरेंसिक लैब भेजा।
पुलिस छानबीन कर ही रही थी
कि विवेचना थाना सैंया को ट्रांसफर हो गई। सीडीआर के आधार पर गांव के
ज्ञान सिंह का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने तीन महीने बाद उसे गिरफ्तार
करके जेल भेजा। कोर्ट में चार्जशीट भी लगा दी। इसी बीच विवेचना में मृतका
के ताऊ विजय सिंह के बेटे मुकेश और रामा पुत्र नरेंद्र उर्फ गुड्डा के नाम
भी प्रकाश में आए। पुलिस ने उन पर शिकंजा कसा तो दोनों ने कोर्ट में सरेंडर
प्रार्थना पत्र डाल दिया। मगर, सरेंडर नहीं किया। विवेचक का ट्रांसफर हो
गया। इसके बाद दूसरे विवेचक ने जांच की। उन्होंने जांच में राजेंद्र उर्फ
आला का नाम प्रकाश में आने पर आरोपी बनाया। पुलिस ने वीरेन्द्र और
राजेन्द्र के खिलाफ कुर्की की तैयारी शुरू कर दी।
मगर, 17 नवंबर को
एसएसपी ने विवेचना थाना शाहगंज इंस्पेक्टर जयपाल सिंह को दे दी। शाहगंज
पुलिस ने तफ्तीश की तो मुकेश और नरेंद्र उर्फ गुड्डा का नाम सही पाया।
वीरेंद्र और राजेंद्र की नामजदगी गलत पाई गई। इस पर पुलिस ने दोनों के
खिलाफ कुर्की आदेश को वापस कराया। मुकेश को गिरफ्तार कर लिया है।
दो दिन तक घर में छिपाकर रखा शव
मुकेश
ने पुलिस की पूछताछ में हत्या की बात कुबूल कर ली। उसने बताया कि हत्या के
बाद दो दिन तक शव को घर में छुपाकर रखा था। बाद में घर के पिछवाड़े के खेत
में फेंक आए थे। दुराचार के बाद हत्या प्रतीत करने के लिए कपड़े अस्त
व्यस्त कर दिए थे। हालांकि फोरेंसिक रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई।
इंस्पेक्टर जयपाल सिंह ने बताया कि अनीता की हत्या चालचलन ठीक न होने के शक
में उसके दोनों तयेरे भाइयों ने की थी। आरोपी मुकेश को जेल भेजा जा रहा
है। मृतका के पिता ने गलत नामजदगी कराई थी। निर्दोषों के नाम जांच में
निकाल दिए गए हैं। अब हत्याकांड की जांच पूरी हो चुकी है।
एक आरोपी की हो चुकी है मौत
जांच
के दौरान ही 16 अप्रैल 2015 को नरेंद्र उर्फ गुड्डा की संदिग्ध
परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मामले में नरेंद्र के घरवालों ने आठ लोगों
के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। इस घटना में अभी तक किसी आरोपी की
गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस मामले में अछनेरा पुलिस आरोपी मुकेश से पूछताछ
के लिए थाना शाहगंज पहुंची।
डाग स्क्वायड से मिली जांच को दिशा
अनीता
का शव मिलने के बाद पुलिस ने डाग स्क्वाएड को बुलाया था। कुत्ता हर बार
तहेरे भाइयों के घर की तरफ ही जा रहा था। पुलिस की शक की सुई वहीं से घूम
गई, लेकिन अछनेरा पुलिस ने इस तथ्य पर गौर नहीं किया। शाहगंज पुलिस ने डाग
स्क्वाएड की जांच रिपोर्ट मेें इस बात पर अपनी तफ्तीश आगे बढ़ाई।