डाक्टर निर्मल चोपड़ा (सबसे बाएं)
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भ्रूण लिंग परीक्षण में रंगेहाथ पकड़ी गई आगरा के सदर क्षेत्र स्थित चोपड़ा सुपर स्पेशिएलिटी हास्पिटल की संचालक और आईएमए आगरा की पूर्व अध्यक्ष डाक्टर निर्मल चोपड़ा को जेल भेज दिया गया है। राजस्थान की पीसीपीएनडीटी टीम ने उसे और उसके रैकेट में शामिल लोगों को राजस्थान की भरतपुर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सभी को 27 जुलाई तक जेल भेजने के आदेश दिए।
शनिवार 15 जुलाई को मामले की जानकारी देते हुए राजस्थान पीसीपीएनडीटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रघुवीर सिंह ने बताया कि सभी गिरफ्तार आरोपियों की ओर से कोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई गई थी। कोर्ट ने संगीन आरोप देखते हुए इसे खारिज कर दिया।
उन्होंने बताया कि डा. निर्मल चोपड़ा के रैकेट में पकड़े गए दलालों के मोबाइल में आगरा के 12 डाक्टरों के नाम मिले हैं। पूछताछ में दलालों ने बताया कि ये सभी डाक्टर भी भ्रूण लिंग परीक्षण करते हैं। बताया गया है कि 12 डाक्टरों में दो सदर क्षेत्र, पांच ट्रांसयमुना कालोनी और पांच देहात क्षेत्र में गैरकानूनी धंधा चला रहे हैं।
रघुवीर सिंह के अनुसार दलाल पुष्पेंद्र ने यह भी बताया कि उसका डा. निर्मल चोपड़ा के हॉस्पिटल में मेडिकल स्टोर था। इस काम को छोड़कर वह काफी समय से दलाली में लग गया और लिंग परीक्षण वाले ग्राहकों को हास्पिटल लाने का काम करता था। बता दें शुक्रवार को राजस्थान की पीसीपीएनडीटी टीम ने सदर के चोपड़ा सुपर स्पेशिएलिटी हास्पिटल में भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले रैकेट का पर्दाफाश किया था।
इसमें डा. निर्मल चोपड़ा (एमबीबीएस, एमएस) को हॉस्पिटल से ही गिरफ्तार कर लिया गया। उसके साथ हॉस्पिटल की रिसेप्शनिस्ट तनिशा शर्मा और नेत्रपाल व महिपाल नाम के दो दलाल गिरफ्तार हुए।