विजिलेंस ने एबीएसए पूनम चौधरी को शमसाबाद बीआरसी पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।
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विजिलेंस की आगरा टीम ने एबीएसए पूनम चौधरी को शमसाबाद बीआरसी पर बुधवार दोपहर सहायक अध्यापिका रानी सिंह परिहार से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि छह महीने की सीसीएलए का पैसा देने के लिए रिश्वत की डिमांड की थी। विजिलेंस उन्हें महिला थाना ले गई है। बृहस्पतिवार को मेरठ कोर्ट में पेश किया जाएगा। उधर उनकी गिरफ्तारी का पता चलने पर शमसाबाद थाने पर सैकड़ों अध्यापक पहुंच गए।
पूनम चौधरी के पास शमसाबाद और फतेहाबाद ब्लाक का चार्ज है। रानी सिंह शमसाबाद ब्लाक संसाधन केंद्र पर तैनात हैं। विजिलेंस के अधिकारियों ने बताया कि रानी सिंह ने छह महीने के सीसीएलए के भुगतान के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। दस दिन की मेडिकल लीव भी मांगी थी। इस पर पूनम चौधरी ने कहा कि छुट्टियां चुनाव बाद मिलेंगी। सीसीएलए के लिए 60 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। रानी सिंह ने मना किया तो 50 हजार देने को कहा। इस पर रानी सिंह ने विजिलेंस में शिकायत कर दी।
विजिलेंस ने जाल बिछा दिया। बुधवार को ब्लाक संसाधन केंद्र शमसाबाद पर टीम पहुंच गई। जैसे ही पूनम चौधरी ने रानी सिंह से 50 हजार रुपये लिए, वैसे ही उन्हें पकड़ लिया। उन्होंने रुपये दराज में रख दिए थे। इन्हें बरामद किया गया। इसके बाद पूनम चौधरी को शमसाबाद थाना ले जाया गया। यहां से शाम को महिला थाना भेज दिया गया। विजिलेंस के एसपी डा. अरविंद कुमार ने बताया कि पूनम चौधरी को गुरुवार को मेरठ की एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा। उधर, पूनम चौधरी ने कहा कि उन्हें फंसाया गया है। यह भी आरोप लगाया कि महिला पुलिस ने उनकी पिटाई की।