गांव जनवेदपुरा में शुक्रवार को फीस जमा करने आए अभिभावक कालीचरन (32) को निजी स्कूल के संचालक और शिक्षकों ने पीट-पीटकर मार डाला। कालीचरन का फीस के मुद्दे पर संचालक के साथ विवाद हो गया था। फरार स्कूल संचालक पक्ष का युवक विरोध में जमा हुई भीड़ के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने उसे बचाने की कोशिश की तो भीड़ ने पथराव किया। अफसरों ने बमुश्किल स्थिति को नियंत्रित किया। बिना मान्यता के चलने के कारण एसडीएम के आदेश पर स्कूल को सील कर दिया गया है।
पिनाहट के गांव जनवेदपुरा के एफपीवी जूनियर हाईस्कूल मेें गोपीपुरा निवासी किसान कालीचरन की बेटियां सोनी (कक्षा छह), सपना (कक्षा चार) और बेटा मोहित (कक्षा दो) में पढ़ते हैं। शुक्रवार की दोपहर दो बजे वह इनकी फीस जमा करने स्कूल गए। घरवालों ने बताया कि कालीचरन ने तीन बच्चों में से एक की फीस माफ करने का आग्रह किया। इसी पर स्कूल संचालक रामसेवक और बीरी सिंह से उनका विवाद हुआ फिर हाथापाई शुरू हो गई। आरोप है कि स्कूल संचालक ने शिक्षकों के साथ कालीचरन पर हमला बोल दिया। वह बचने को भागे तो उन्हें स्कूल परिसर में दौड़ा-दौड़ाकर डंडों से पीटा गया। इतना कि कालीचरन ने वहीं दम तोड़ दिया। हमलावर फरार हो गए।
जानकारी पाकर कुछ ही देर में कालीचरन के घरवाले स्कूल पहुंचे। सूचना देने पर पिनाहट पुलिस ने मामला बासौनी थाने का बताकर पल्ला झाड़ लिया। कालीचरन का शव तीन घंटे तक स्कूल परिसर में पड़ा रहा। तब कहीं पिनाहट थाने की पुलिस आई। इसी बीच स्कूल संचालक के परिवार का युवक सचिन वहां आया तो उसे भीड़ ने दबोच कर पीटना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने सचिन को बचाने की कोशिश की तो भीड़ का गुस्सा भड़क गया। पुलिसवालों से हाथापाई ही नहीं की गई उन पर ईंट-पत्थर भी फेंके गए। हालांकि कालीचरन का भाई जीप के आगे लेट गया लेकिन पुलिस सचिन को किसी तरह थाने ले गई।
बवाल बढ़ने पर एसडीएम उमाशंकर और सीओ एनके चौधरी भारी फोर्स के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने कालीचरन के घरवालों को आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया लेकिन उन्होंने पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। देर शाम एसपीआरए पूर्वी केपी यादव ने लोगों को समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। उन्होंने बताया कि हमलावरों की तलाश की जा रही है। उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।