थाना एमएम गेट के नाला मोती कटरा में बुधवार रात एक बजे एक मकान में आग लग गई। मकान के अंदर मौजूद एक युवक बाहर नहीं निकल सका। वह आग में जिंदा जल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल ने आग बुझाई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी का कहना है कि आग लगने का कारण पता नहीं चल सका है। जांच की जा रही है।
नाला मोती कटरा, खिड़की काले खां निवासी राजकुमार के मकान में रिक्शा चालक भगवान दास किराए पर रहता है। भगवान दास का छोटा बेटा अजय कश्यप जयपुर (राजस्थान) में एक फैक्ट्री में पैकिंग का काम करता था। चार दिन पहले वह घर आया था। भगवान दास की पत्नी राजकुमारी इटावा में बेटी रेखा के पास रहती है, जबकि बड़ा बेटा प्रमोद फर्रुखाबाद में अपनी ससुराल में रहता है। बुधवार को भगवान दास रिक्शा चलाने गया था। अजय घर में सो रहा था। रात तकरीबन एक बजे उसके कमरे से धुआं निकलता देखकर आसपास के लोगों की घर के बाहर भीड़ लग गई। राजकुमार ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। कमरा अंदर से बंद होने के कारण आग बुझाने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। दमकल ने एक घंटे बाद आग बुझाई। तब कहीं दरवाजा तोड़ा गया। गेट के पास ही अजय का शव पड़ा मिला। आग से मकान के अंदर लगी पत्थर की ताड़ भी गिर पड़ी। पुलिस का कहना है कि कमरे में रोशनी के लिए दीपक जल रहा होगा, उसी से आग लगी।
कमरे में मिली मिट्टी के तेल की केन
पुलिस का कहना है कि कमरे से मिट्टी के तेल की केन मिली है। उसे कब्जे में ले लिया गया है। आशंका है कि अजय ने कमरे में आने के बाद मिट्टी के तेल की कुप्पी जलाई होगी। इसके बाद अजय सो गया होगा। अचानक आग लग गई। कमरे में लकड़ी का सामान और कपड़े होने की वजह से आग फैल गई। कमरे मेें बिजली के तार भी नहीं लगे हैं।
...और जिंदगी के लिए छटपटाता रहा अजय
नाला मोती कटरा के लोगों को कमरे में अजय के होने की कोई उम्मीद नहीं थी। क्योंकि भगवान दास का रिक्शा नहीं खड़ा था। लोगों को यह भी पता नहीं था कि अजय जयपुर से आया हुआ है। कमरा खुलने पर लाश देखकर पहले लोगों को लगा कि उसका पिता है। मगर, भगवान दास कुछ देर बाद आया तो अजय की मौत का पता चला। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अजय की लाश कमरे के गेट के पास पड़ी मिली। इससे आशंका है कि अजय ने बाहर निकलने की काफी कोशिश की होगी। लेकिन आग और धुएं की वजह से वह बाहर नहीं आ सका और उसकी मौत हो गई।