राष्ट्रदीप होटल एवं पेट्रोल पंप के मालिक एवं आर्मी के रिटायर्ड कैप्टन अनेक सिंह सिकरवार के अपहरण का पता चलते ही एत्मादपुर के आस पास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग उनके पेट्रोल पंप पर पहुंच गए। इन्होंने हाथों में हथियार ले रखे थे। इनका कहना था कि वे कैप्टन साहब को खोज निकालेंगे। आस पास के गांवों में भी उनकी तलाश की जा रही है। रात 12 बजे काफी लोग जमा हो गए थे। उन्होंने कहा कि कैप्टन का अपहरण करने की औकात किसी छोटे मोटे गिरोह की नहीं है, वारदात में बड़े गिरोह का हाथ है।
उधर, पुलिस में भी जबरदस्त हड़कंप मचा है। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह भी पेट्रोल पंप पहुंचे। उन्होंने पूरी घटना की जानकारी ली। एसपी देहात बबीता साहू के अलावा सर्विलांस सेल के साथ ही साइबर थाना के इंचार्ज नितिन कसाना भी मौके पर पहुंचे। देर रात तक मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की जाती रही।
हमारी किसी से रंजिश नहीं
अनेक सिंह सिकरवार के दो बेटे हैं। ब्रजेश सिंह और सर्वेस सिंह। दोनों उनके साथ बिजनेस संभालते हैं। ब्रिजेश सिंह ने बताया कि उनकी किसी से रंजिश नहीं है। न ही कभी किसी से धमकी मिली। उन्होंने कहा कि समझ नहीं आ रहा कि अपहरण कैसे हो गया? पापा बहुत बहादुर हैं, किसी से डरते नहीं है। उनके परिवार में पहले कभी किसी के साथ ऐसी घटना नहीं घटी है। पापा पेट्रोल पंप से सीधे घर के लिए निकले थे। वे इस समय कहीं और जाते भी नहीं है।
गुमशुदगी हुई है, तलाश कर रहे हैं
एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि अनेक सिंह सिकरवार का अपहरण हुआ है। हां, इतना जरूर है कि वे लापता हो गए हैं। उनकी तलाश के लिए चार टीमें लगाई गई हैं। एक टीमी यमुना एक्सप्रेस वे के सीसीटीवी फुटेज देख रही है। दूसरी, हॉस्पिटल चेक कर रही हैं। कहीं वे हादसे के शिकार न हो गए हों। तीसरी, आस पास के रास्तों पर उनकी गाड़ी की तलाश कर रही है। चौथी, सर्विलांस से लोकेशन ट्रेस करने में लगी है।
एक महीने में तीसरा अपहरण
सबसे पहले शमसाबाद से प्रिंस का अपहरण हुआ।
इसके बाद कमलानगर से बिट्टू का। इन दो छात्रों के बाद अब तीसरी घटना हुई
है। अनेक सिंह सिकरवार भी कमला नगर के रहने वाले हैं।
आखिरी लोकेशन खंदौली की आई
अपहरण
के बाद उनका फोन काफी देर तक ऑन रहा, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हो पा रही थी।
परिवार के लोगों ने बताया कि रात 11 बजे तक भी फोन पर घंटी गई। आखिरी
लोकेशन रामनगर खंदौली की आई थी।
कमला नगर की ओर ही गए थे
पेट्रोल
पंप के कर्मचारियों ने बताया कि उन्हंोंने अनेक सिंह सिकरवार को घर यानी
कमला नगर की ओर जाते हुए देखा था। मुश्किल से 20 मिनट में घर पहुंच जाते
थे, लेकिन जब आठ बजे तक नहीं पहुंचे, तो उनकी तलाश शुरू की गई।