बिछवां (मैनपुरी)। गांव करीमगंज में एक मार्च की शाम से दो गांव के लोगों के बीच हुआ बवाल होली के दिन शाम तक जारी रहा। करीमगंज में कई घंटे तक तनाव रहा। इस दौरान फायरिंग, पथराव, तोड़फोड़ और मारपीट हुई। पुलिस को उपद्रवियों को लाठी फटकार कर खदेड़ना पड़ा। शुक्रवार शाम को पुलिस ने हालात पर पूरी तरह से काबू कर लिया।
एक मार्च की शाम गांव नेकपुरा के करीब 40-50 ग्रामीण महिलाएं पुरुष ईशन नदी में भागवत कथा समापन के बाद कुंड विसर्जित करने गए थे। लौटने के दौरान गांव करीमगंज के पास बज रहे डीजे पर ट्रैक्टर में सवार लोग नाचने गाने लगे। इसी बात को लेकर गांव के लोगों से विवाद हो गया। इसके बाद गांव के लोगों ने ट्रैक्टर सवार महिलाओं, पुरुषों व बच्चों के साथ मारपीट कर दी। इसमें 20 लोग घायल हो गए थे। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं कई महिलाओं ने सोने की जंजीर, झुमकी आदि लूटने का भी आरोप लगाया था।
दो मार्च की सुबह गांव नेकपुरा के सैकड़ों ग्रामीण रात को हुए विवाद को लेकर गांव करीमगंज आ पहुंचे। कई दुकानों में तोड़फोड़ करने के साथ ही मारपीट करने लगे। गांव के लोग इकट्ठा होने के बाद जमकर बवाल होने लगा। सूचना मिलने के बाद कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया।
गांव करीमगंज के लोगों ने पुलिस के साथ गांव नेकपुरा के लोगों को गांव से दौड़ाकर भगा दिया। इस बीच दोनों ओर से पथराव व फायरिंग भी हुई। दो गांव के बीच तनाव की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।