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नीता की एफआईआर पर संजीव के रिश्तेदार ने उठाए सवाल

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विकल्प गुप्ता। - फोटो : अमर उजाला
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फिरोजाबाद। उद्योगपति संजीव गुप्ता अपहरण कांड में नीता पांडेय के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर के बाद बुधवार को पहली बार संजीव गुप्ता के रिश्तेदार मीडिया के सामने आए। उन्होंने नीता पांडेय द्वारा उनके और संजीव गुप्ता के खिलाफ दर्ज कराई गई एफईआर पर सवाल उठाए।
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संजीव गुप्ता के रिश्तेदार (साढू के पुत्र) विकल्प गुप्ता ने आर्चिट ग्रीन स्थित आवास पर प्रेस वार्ता में कहा कि नीता पांडेय ने एक जून 2017 को थाना दक्षिण में उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया था। विकल्प गुप्ता ने कहा कि वह मूलरूप से धनबाद के रहने वाले हैं। उनकी शादी फिरोजाबाद निवासी एक युवती के साथ तीस नंवबर 2016 को आगरा स्थित एक होटल में हुई थी।

एक दिसंबर को करीब साढ़े बारह बजे वह परिवार और रिश्तेदारों के साथ आगरा से धनबाद को ट्रेन से चले गए, जबकि नीता पांडेय द्वारा दक्षिण थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा गया है कि वह दो दिसंबर 2016 को उनकी पुत्री की शादी में दोपहर साढ़े तीन बजे संजीव गुप्ता, दीपक गुप्ता और विकल्प गुप्ता उनके घर आए थे। अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए चेकबुक छीन लिया था।
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साथ ही सौ रुपये के स्टॉम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए। धमकी दी कि यदि 60 लाख रुपये नहीं दिए तो तुम्हारी बेटी की शादी नहीं होने दूंगा। बेटी और बच्चों का अपहरण कराकर हत्या करा दूंगा। यह घटना दो दिसंबर की बताई गई है लेकिन हकीकत यह है कि इस घटना से मेरा कोई लेनादेना नहीं है। फिर भी मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया।

31 मार्च को नीता पांडेय ने डीएम से इस घटना की शिकायत की। 24 अप्रैल को पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाया तो नीता पांडेय ने 25 अप्रैल को कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर एक जून को दक्षिण थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। विकल्प गुप्ता ने कहा कि नीता पांडेय ने मेरे खिलाफ इसलिए मुकदमा दर्ज कराया क्योंकि मैं अपने मौसा संजीव गुप्ता का पक्ष लेकर 25 अप्रैल को एसपी सिटी संजीव कुमार बाजपेई से मिला था। हमने अपना पक्ष रखते हुए सभी साक्ष्य मुख्यमंत्री कार्यालय, डीजीपी और एसएसपी को दिए हैं। विकल्प गुप्ता ने बताया कि नीता पांडेय बैंक का 32 लाख रुपया दबाए हुए हैं।


सौ घंटे बाद भी संजीव गुप्ता का पता नहीं
विकल्प गुप्ता ने संजीव गुप्ता के अपहरण को लेकर कहा कि सौ घंटे बाद भी उनका सुराग नहीं लगा है। पूरा परिवार परेशान है। परिवार पर क्या बीत रही है शब्दों में नहीं कह सकते। पुलिस का अपना काम है वह अपनी तरह से कर रही है। पुलिस की सभी जांचे गोपनीय तरीके से चल रही हैं। संजीव गुप्ता की वापसी का सभी को इंतजार है।
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