मैनपुरी। नगर के स्टेशन रोड स्थित एक मैरिज होम में बुधवार की रात शिकोहाबाद से आई बारात में दहेज लेनदेन को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद दूल्हे ने शादी करने से ही इनकार कर दिया। इसकी सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस दूल्हा और उसके पक्ष के लोगों को थाने ले गई। रात से लेकर गुरुवार शाम तक मामले में पंचायत चलती रही, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। बाद में दूल्हा पक्ष ने सामान और 23 लाख रुपये नकदी वापस की। इसके बाद बारात बिन दुल्हन के ही लौट गई। मामले की दिनभर चर्चा होती रही।
शिकोहाबाद के गांव अशुआ खेड़ा निवासी वीरेंद्र सिंह का पुत्र विक्रम सिंह इंटेलीजेंस में औरंगाबाद में तैनात है। उसकी शादी कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी शिक्षिका युवती के साथ तय हुई थी। बुधवार को विक्रम बारात लेकर स्टेशन रोड स्थित एक मैरिज होम पहुंचा। बारात पहुंचने के बाद दूल्हे व बारातियों की खातिरदारी की गई। द्वाराचार के बाद तय दहेज को लेकर दूल्हे व उसके भाई का दुल्हन पक्ष के लोगों से झगड़ा हो गया। विवाद ने तूल पकड़ लिया तो दूल्हे व उसके परिवारीजनों ने शादी से साफ इनकार कर दिया। अचानक शादी के माहौल में सन्नाटा पसर गया।
काफी देर तक मान मनौव्वल का सिलसिला चलता रहा, लेकिन बात नहीं बनी। इस बीच दुल्हन पक्ष से सूचना मिलने के बाद पहुंची थाना पुलिस शादी से मना कर रहे दूल्हे व अन्य लोगों को थाने ले गई। बुधवार रात से लेकर गुरुवार शाम तक थाने में ही दोनों पक्षों के बीच सुलह के प्रयास चलते रहे। दुल्हन भी थाने पहुंची और बातचीत हुई, लेकिन अंत में सारी कवायद बेकार साबित हुई। दूल्हे व उसके परिवारीजन शादी करने को किसी भी कीमत पर तैयार नहीं थे। आखिरकार शादी में दी गई रकम व अन्य सामान वापस किए जाने की दूल्हे पक्ष ने हामी भर दी। इसके बाद दोनों पक्ष कोई कार्रवाई न करने पर राजी हो गए। थाने से मामला निपटने के बाद बारात बिन दुल्हन ही लौट गई। दूल्हे के पिता ने बताया कि शादी में दिए गए 23 लाख रुपये वापस करने की बात पर समझौता हो गया है।
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