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भांडई में रेलवे ट्रैक पर मिली छात्र की लाश

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आगरा/मलपुरा। आवास विकास कालोनी के सेक्टर दस से लापता बीएससी के छात्र आशीष उपाध्याय (23) की लाश शनिवार रात को मलपुरा में भांडई के पास रेलवे ट्रैक पर मिली। परिवारीजनों ने हत्या की आशंका जाहिर की। आशीष के दोस्तों पर ही शक जताया है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
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सेक्टर दस निवासी बृजेश उपाध्याय बीएसएनएल में एसडीओ हैं। उनका छोटा बेटा आशीष सिकंदरा के एक कालेज से बीएससी प्रथम वर्ष कर रहा था। पिता ने बताया कि आशीष शनिवार सुबह आठ बजे दोस्त के बुलावे पर घर से गया था। तब से नहीं लौटा। उसका फोन मिलाया तो लगा नहीं। रात एक बजे भांडई के पास रेलवे ट्रैक पर ट्रैक मैन ने आशीष की लाश देखी। पर्स में मिले आधार कार्ड से जानकारी दी गई। बृजेश का कहना है कि आशीष के बैंक खाते में 90 हजार रुपये थे, जबकि उसकी मां मधु के खाते में 4.15 लाख रुपये थे। बैंक के एटीएम और अन्य कागजात आशीष के पास ही रहते थे। उसकी दोस्ती बोदला के एक युवक से थी। आरोप लगाया कि दोस्त आशीष से लगातार रुपये निकलवा रहा था। पिछले दिनों बृजेश के परिचित को अपनी बेटी की स्कूल की फीस चेक से जमा करनी थी। इसके लिए उन्होंने बृजेश से चेक भरकर देने को कहा था। उन्होंने आशीष के बैंक एकाउंट का चेक काट दिया। मगर, उसके एकाउंट में आठ हजार रुपये ही बचे थे। चेक बाउंस हो गया। बृजेश ने आशीष से पूछताछ की। उसने रुपये खर्च होने की बात कही। बाद में एक अन्य दोस्त ने बताया कि आशीष ने एक दोस्त को चार लाख रुपये दिए हैं। इस पर बृजेश ने पत्नी का एकाउंट चेक किया तो उसमें 51000 हजार रुपये ही थे। बृजेश ने बेेटे की हत्या का आरोप उसके दोस्तों पर ही लगाया है। थाना सिकंदरा में नामजद तहरीर दी है।
पुलिस मान रही आत्महत्या
सिकंदरा पुलिस का कहना है कि आशीष ने चार लाख से ज्यादा की रकम खर्च कर दी थी। इस बारे में घरवालों को पता चल गया था। उन्होंने बेटे से पूछताछ की थी। इससे वह तनाव में आ गया था। वह अपने दोस्त से किडनी बेचकर रुपये जुटाने की बात कर रहा था। इससे आत्महत्या की आशंका जाहिर की जा रही है।
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आखिर भांडई कैसे पहुंचा
अब सवाल उठता है कि आशीष भांडई स्टेशन कैसे पहुंचा? परिवारीजनों का कहना है कि अगर बेटे को ट्रेन से कटकर जान देनी थी तो कई किलोमीटर दूर जाने की क्या जरूरत थी। उनके घर से ही एक किलोमीटर की दूरी पर रेलवे ट्रैक है। पुलिस ने बताया कि आशीष के घर शनिवार दोपहर तीन बजे दोस्त पहुंचा था। उसने बताया था कि आशीष का फोन आया था। वह परेशान लग आ रहा था। जब घरवालों ने फोन मिलाया तो लगा नहीं। इससे दोस्त संदेह के घेरे में है। दोस्तों से पूछताछ की जाएगी।
सबका दुलारा था आशीष
आशीष घर में सबका दुलारा था। उसकी दो बहन और एक बड़ा भाई है। आशीष सबसे छोटा था। उसकी मौत की खबर से मां मधु का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के आंसू नहीं रुक रहे हैं। पिता सदमे में हैं। रिश्तेदार उन्हें संभाल रहे हैं।
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