विजय नगर कालोनी में पुलिस चौकी से महज 500 मीटर की दूरी पर तीन बदमाशों ने गल्ला व्यवसायी प्रवीन गर्ग के घर में धावा बोला। गेट खुलवाने का प्रयास किया। मगर, व्यवसायी की पत्नी की सूझबूझ के कारण बदमाश अंदर नहीं जा सके और भाग गए। घटना मंगलवार शाम पांच बजे की है। पुलिस को तभी सूचना दी गई थी। मगर पुलिस पहुंची इसके बीस घंटे बाद बुधवार दोपहर एक बजे। इतना ही नहीं, पुलिस ने पहुंचने के बाद भी किया कुछ नहीं। एक सिपाही ने प्रवीन को गेट पर सीसीटीवी लगवाने की सलाह दी। दरोगा ने नौकर-नौकरानी के बारे में जानकारी ली। इसके बाद पुलिस टीम लौट गई।
प्रवीन ने बताया कि जब उन्होंने चौकी इंचार्ज को घटना की जानकारी दी तो उनका जवाब बड़ा ही अटपटा था। उन्होंने सबसे पहले यही पूछा कि कभी पांच बजे कोई बदमाश वारदात करने आते हैं? इस पर उन्होंने कहा कि वो क्या झूठ बोल रहे हैं? तब उन्होंने घर पर आने की बात कही। कालोनी के लोगों ने बताया कि वे बुधवार सुबह चौकी भी गए थे। वहां कोई नहीं था।
नगीना की सूझबूझ के कारण भागे बदमाश
आगरा। घर पर प्रवीन की पत्नी नगीना, बहू नेहा और शिवानी थीं। दो बदमाश गैलरी में खड़ी कार के पीछे छिप गए। एक दरवाजा खटखटाने लगा। नगीना ने गेट नहीं खोला। उसने कमरे की खिड़की को खोलकर देखा तो उन्हेें कार के पीछे छिपे बदमाश दिख गए। उन्होंने बदमाश से कहा, जंगले के सामने आकर बात कर। इस पर बदमाश मीरा खंडेलवाल नामक महिला का नाम लेते हुए मिलने की कहने लगा। मगर, नगीना ने कहा कि यहां कोई मीरा नहीं रहती है। उन्होंने शोर मचाते हुए बहू से पुलिस को कॉल करने की कहा तो बदमाश भाग गए।
पुलिस चौकियों पर लटके रहते हैं ताले
आगरा। डर के कारण महिलाएं एक घंटे तक बाहर नहीं निकलीं। इसके बाद पड़ोस में रहने वाले प्रवीन के भाई महेश गर्ग के परिवार को जानकारी दी। देर रात प्रवीन को बताया। बता दें, विजय नगर के पास ही गंगेश्वर कालोनी है, जहां पिछले दिनों मुन्नी देवी गर्ग की हत्या कर घर में लूटपाट की गई थी। वारदात रिंग रोड चौकी के पास हुई थी। चौकी पर ताला लटका था। कंट्रोल रूम का फोन देर से उठा था। फोन पर उल्टे सीधे सवाल किए गए थे। चौकियों पर ताले लटके रहने की शिकायत एसएसपी से भी की गई थी।